इस्लामाबाद, 11 मई (भाषा) पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने सोमवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें पिछले साल भारत के साथ चार दिन तक चले संघर्ष में देश के सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना की गई।
संसद के निचले सदन ‘नेशनल असेंबली’ में कानून मंत्री आजम नजीर तरार द्वारा पेश किये गये प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि शांति के लिए पाकिस्तान की इच्छा को कमजोरी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।
इसमें कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी प्रकार का दुस्साहस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पाकिस्तान की रक्षा सेनाएं पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करेंगी।’’
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया था।
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे।
भाषा देवेंद्र माधव
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