UP Farmers Seed Subsidy 2026: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार दे रही आधी कीमत पर बीज, इस तारीख से शुरू होगा वितरण

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UP Farmers Seed Subsidy 2026:लखनऊ। खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए बड़ी तैयारी की है।

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 11:48 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 11:48 PM IST

UP FARMER / image source: ibc24

HIGHLIGHTS
  • किसानों को अनुदानित बीज
  • 15 मई से वितरण
  • धान बीज पहले मिलेगा

UP Farmers Seed Subsidy 2026:लखनऊ। खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए बड़ी तैयारी की है। राज्य सरकार किसानों को धान, उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के कुल 1,96,117 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही दलहन और तिलहन फसलों के मिनी किट भी किसानों को वितरित किए जाएंगे। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि बीज वितरण की प्रक्रिया 15 मई से शुरू होगी और सबसे पहले 80 हजार क्विंटल धान के बीज किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों में बीज की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

किसानों को सस्ता बीज मिलेगा

सोमवार को कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ-2026 सीजन के लिए कृषि विभाग ने बीज और उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है। सरकार का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद उपलब्ध कराना है, ताकि उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस बार दलहन और तिलहन फसलों पर विशेष फोकस किया गया है।

खाद स्टॉक पर्याप्त उपलब्ध

राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत किसानों को 49,129 क्विंटल दलहन बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें उड़द, मूंग और अरहर के बीज शामिल हैं। वहीं मूंगफली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 57,446 क्विंटल बीज भी किसानों को दिए जाएंगे। विभाग द्वारा मूंग के लिए 3,946 क्विंटल, उड़द के लिए 23,958 क्विंटल और अरहर के लिए 21,225 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत हाइब्रिड मक्का बीज भी किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।

कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को नई तकनीक और उन्नत खेती की जानकारी देने के लिए किसान गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा। 15 मई को कानपुर में मंडलीय किसान गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें चित्रकूट, झांसी और कानपुर मंडल के किसान व कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे। वहीं 21 मई को लखनऊ में राज्य स्तरीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में किसानों को खरीफ फसलों की आधुनिक खेती, जल संरक्षण, बीज चयन और उर्वरक उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने व्यापक तैयारी की है। कृषि मंत्री के अनुसार प्रदेश में इस समय 27.54 लाख टन खाद का स्टॉक मौजूद है। इसमें 12 लाख टन यूरिया, 4.79 लाख टन एनपीके, 3.66 लाख टन एसएसपी और 91 हजार टन पोटाश शामिल है। सरकार का दावा है कि किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

खाद की कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। 10 जिलों में विशेष जांच टीमें भेजी जा रही हैं, जो खाद वितरण केंद्रों और गोदामों की निगरानी करेंगी। हाल ही में बुलंदशहर में पुलिस और कृषि विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन ट्रकों से ले जाया जा रहा 1575 बैग इफको यूरिया बरामद किया था। जांच में पता चला कि यह खाद पीसीएफ बफर गोदाम से अवैध तरीके से निकाला गया था।

इस मामले में आरोपितों के साथ पीसीएफ कर्मचारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने चेतावनी दी है कि खाद की तस्करी में शामिल लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए यूरिया का संतुलित उपयोग करें और केवल अधिकृत केंद्रों से ही खाद खरीदें।

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बीज कब से मिलेंगे?

15 मई से शुरू होगा

कितना अनुदान मिलेगा?

50 प्रतिशत अनुदान तय

कौन सा बीज पहले?

धान बीज पहले मिलेगा