(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 11 मई (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम ‘‘बेहद कमजोर और नाजुक’’ स्थिति में है। ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध पर उसके शांति प्रस्ताव को एक दिन पहले ‘‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’’ बताते हुए खारिज कर दिया था।
शांति प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद ईरान के साथ युद्धविराम पर एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति के कार्यालय) में पत्रकारों से कहा, ‘‘यह अपनी सबसे कमजोर स्थिति में है… उन्होंने जो बकवास हमें भेजा, उसे पढ़ने के बाद… तो यह गंभीर नाजुक स्थिति में है।’’
ट्रंप ने कहा, ‘‘उन्हें लगता है कि मैं इससे थक जाऊंगा, या ऊब जाऊंगा, या मुझ पर कुछ दबाव आ जाएगा, लेकिन कोई दबाव नहीं है, बिल्कुल भी दबाव नहीं है। हमें पूरी जीत मिलेगी।’’
ट्रंप को रविवार को ईरान का प्रस्ताव मिला, जिससे उम्मीद जगी थी कि इससे ईरान के साथ 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने में कोई सफलता मिल सकती है। इस युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे कई देशों में ईंधन की कमी हो गई है।
उन्होंने रविवार को अपने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘मैंने अभी ईरान के तथाकथित ‘प्रतिनिधियों’ की प्रतिक्रिया पढ़ी है। मुझे यह पसंद नहीं आया, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’’
अमेरिका और इजराइल के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद आठ अप्रैल से हमले रोक दिए गए हैं, जब युद्धरत पक्षों ने युद्धविराम पर सहमति जताई थी।
अमेरिका और ईरान स्थायी रूप से शत्रुता समाप्त करने के लिए एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
अमेरिका इस बात पर जोर दे रहा है कि ईरान अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों को हटाने और अरबों डॉलर की जब्त ईरानी संपत्ति को जारी करने के बदले में अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को समाप्त करने के संबंध में स्पष्ट और ठोस वादा करे।
इन वार्ताओं में ईरान और अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने का भी प्रावधान भी शामिल है, जो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति के पांचवें हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
भाषा सुरभि माधव
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