गाजा में निरस्त्रीकरण के समझौते पर शांति बोर्ड के दूत ने नेतन्याहू से मुलाकात की, हमले रोकने की अपील

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गाजा में निरस्त्रीकरण के समझौते पर शांति बोर्ड के दूत ने नेतन्याहू से मुलाकात की, हमले रोकने की अपील

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 11:51 AM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 11:51 AM IST

यरुशलम, चार अगस्त (एपी) गाजा में युद्ध के बाद के बदलावों की निगरानी कर रहे शांति बोर्ड के एक अधिकारी ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। एक बयान के अनुसार, इस बैठक में अन्य मुद्दों के अलावा उस नए निरस्त्रीकरण समझौते पर भी चर्चा हुई जिस पर शांति बोर्ड की हमास के साथ चर्चा के दौरान सहमति बनी है।

शांति बोर्ड ने एक बयान में कहा कि गाजा के लिए उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने प्रधानमंत्री और उनकी टीम के साथ ‘‘रचनात्मक और विस्तृत’’ बातचीत की।

बयान में कहा गया, ‘‘मकसद साफ है और इस पर कोई सवाल नहीं है। गाजा पट्टी में पूर्ण निरस्त्रीकरण और बंदूक के बल पर शासन की जगह नागरिक प्रशासन स्थापित करना हमारा उद्देश्य है।’’

बैठक की जानकारी रखने वाले दो लोगों के अनुसार, म्लादेनोव ने नेतन्याहू से गाजा पट्टी में इजराइल के हमलों को रोकने के लिए भी कहा। म्लादेनोव और उनकी टीम इजराइल पर गाजा में हमले रोकने का दबाव बना रही है ताकि हमास के पास मौजूद हथियारों को निष्क्रिय कराने संबंधी समझौते को आगे बढ़ाया जा सके। म्लादेनोव की टीम में वरिष्ठ सलाहकार आर्ये लाइटस्टोन भी शामिल हैं।

हमास ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वह और फलस्तीन के अलग-अलग गुट ‘‘युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण को लागू करने के बारे में हुई सहमति पर कायम हैं जिसमें सभी पक्षों की जिम्मेदारियां भी शामिल हैं।’’

बयान में यह भी कहा गया है कि समूह युद्धविराम को लेकर बनी सहमति पर म्लादेनोव और मध्यस्थों से ‘‘स्पष्ट और आधिकारिक जवाब’’ का इंतजार कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले वर्ष हुए व्यापक युद्धविराम समझौते के तहत इस नए समझौते की घोषणा पिछले बृहस्पतिवार को की थी। समझौते में इजराइल से अपने सैन्य अभियान रोकने और गाजा में हमास व उसके सहयोगियों से सभी उग्रवादी गतिविधियां बंद करने की बात कही गई है। समझौते में मोटे तौर पर यह भी बताया गया था कि हथियार हटाने की प्रक्रिया कैसे लागू की जाएगी।

समझौते का मसौदा सार्वजनिक किए जाने के बाद इजराइल ने कहा कि उसे सुरक्षा को लेकर ‘‘गंभीर चिंताएं’’ हैं और उसने इन्हें अमेरिका के साथ साझा किया है।

एपी सुरभि वैभव

वैभव