‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन’ किसी ‘भय’ के बिना करने की अनुमति होनी चाहिए: संयुक्त राष्ट्र

‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन’ किसी ‘भय’ के बिना करने की अनुमति होनी चाहिए: संयुक्त राष्ट्र

‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन’ किसी ‘भय’ के बिना करने की अनुमति होनी चाहिए: संयुक्त राष्ट्र
Modified Date: July 25, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: July 25, 2026 6:46 pm IST

संयुक्त राष्ट्र, 25 जुलाई (भाषा) संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह नयी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन से ‘‘अवगत’’ है और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की इच्छा रखने वाले लोगों को बिना किसी उत्पीड़न, गिरफ्तारी या चोट के भय के ऐसा करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक शुक्रवार को भारत में युवाओं के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों पर संयुक्त राष्ट्र के रुख से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। दुजारिक ने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से नयी दिल्ली में हुए प्रदर्शनों से पूरी तरह अवगत हैं। यह महत्वपूर्ण है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की इच्छा रखने वाले लोगों को उत्पीड़न, गिरफ्तारी या चोट के भय के बिना ऐसा करने की अनुमति दी जाए।’’

उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी है कि वे, ‘‘जैसा कि हर जगह होता है,’’ यह सुनिश्चित करें कि इन अधिकारों की रक्षा की जाए।

परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर कई सप्ताह तक चले प्रदर्शनों के बाद भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया।

इन प्रदर्शनों का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने किया जो कुछ ही सप्ताह में एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गया।

कॉजपा ने 20 जून को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर से आंदोलन शुरू किया था। उसने मई में हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले को उठाया था, जिसके कारण करीब 20 लाख छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी थी। कई राज्यों में छात्रों की आत्महत्या की खबरें भी सामने आई थीं।

प्रदर्शनकारियों ने देश में शिक्षा सुधार और प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।

बीस जुलाई को हजारों प्रदर्शनकारी पुलिस की रोक और बैरिकेड के बावजूद संसद की ओर मार्च करने निकले थे, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई हुई और कई लोग घायल हो गए।

भाषा अमित माधव

माधव


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