लीमा, 24 जून (एपी) पेरू में सात जून को हुए राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार रहे रॉबर्टो सांचेज ने मंगलवार को आरोप लगाया कि विदेशों में रहने वाले पेरूवासियों के वोटों में हेरफेर किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इन मतों को अंतिम मतगणना में शामिल किया गया, तो वह चुनाव परिणाम स्वीकार नहीं करेंगे।
अब तक 99.72 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी हो चुकी है और सांचेज रूढ़िवादी उम्मीदवार केइको फुजीमोरी से करीब 40,000 वोटों से पीछे हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि मतगणना पूरी होने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ सकता है।
इस चुनाव में 1.8 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
चुनाव अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यदि विदेशों में रहने वाले पेरूवासियों के मतों को अमान्य घोषित कर दिया जाए, तो पूर्व वाणिज्य मंत्री सांचेज चुनाव जीत सकते हैं।
सांचेज के चुनाव अभियान दल ने विदेशी मतपत्रों को अमान्य घोषित करने का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विदेशों में स्थित पेरू के दूतावासों ने कानून के अनुसार मतगणना का ब्योरा स्कैन कर भेजने के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए ऐप का इस्तेमाल नहीं किया।
हालांकि, पेरू के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उसने मई के अंत में ही इस प्रक्रिया के लिए चुनाव अधिकारियों से मंजूरी प्राप्त कर ली थी। इस मंजूरी के तहत दूतावासों में मतगणना का ब्योरा स्कैन कर भेजने के बजाय मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित दस्तावेजों को सत्यापन के लिए सीधे राजधानी लीमा भेजने की व्यवस्था की गई थी।
सांचेज ने मंगलवार को कहा, “नियमों के उल्लंघन की इन परिस्थितियों में हम फुजीमोरी की सरकार को मान्यता नहीं देंगे।”
राष्ट्रीय चुनाव एजेंसी ओएनपीई के अनुसार, सात जून को हुए चुनाव में विदेशों में रहने वाले 3,07,000 से अधिक पेरूवासियों ने मतदान किया था, जिनमें से लगभग 65 प्रतिशत ने फुजीमोरी का समर्थन किया।
फुजीमोरी ने विदेशी मतों को अमान्य घोषित करने की सांचेज की मांग पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
एपी खारी मनीषा
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