ढाका, 14 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश में 22 जनवरी से कड़ी सुरक्षा के बीच चुनाव प्रचार शुरू होगा।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होंगे, जो अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक प्रदर्शन में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद पहले चुनाव होंगे।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, संशोधित चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, निर्वाचन अधिकारियों के फैसलों के खिलाफ अपील का निपटारा 10 से 18 जनवरी के बीच किया जाएगा।
उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख 20 जनवरी है। निर्वाचन अधिकारी 21 जनवरी को उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रकाशित करेंगे और चुनाव चिन्ह आवंटित करेंगे।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव प्रचार 22 जनवरी से शुरू होगा और 10 फरवरी को सुबह 7:30 बजे तक चलेगा। मतदान 12 फरवरी को सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगा।
चुनाव आयोग (ईसी) 22 जनवरी से आठ लाख से अधिक पीठासीन और सहायक पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण देना भी शुरू करेगा, जो 12 फरवरी को जनमत संग्रह के साथ होने वाले आम चुनावों की तैयारियों का हिस्सा है।
चुनाव प्रशिक्षण संस्थान (ईटीआई) के महानिदेशक मुहम्मद हसनुज्जमां ने बुधवार को बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम सात फरवरी तक जारी रहेगा।
मंगलवार को मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने इस बात की पुष्टि की कि उनकी सरकार 12 फरवरी को निर्धारित समय पर आम चुनाव और जनमत संग्रह कराने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे कोई कुछ भी कहे।
मुख्य सलाहकार ने कहा, ‘चाहे कोई कुछ भी कहे, चुनाव 12 फरवरी को ही होंगे – एक दिन पहले नहीं, एक दिन बाद नहीं।’
उन्होंने कहा कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण होगा और उत्सवपूर्ण माहौल में आयोजित किया जाएगा।
मुख्य सलाहकार ने ये टिप्पणी उस समय की जब दो पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक अल्बर्ट गॉम्बिस और मॉर्स टैन ने मंगलवार रात ढाका के स्टेट गेस्ट हाउस जमुना में उनसे मुलाकात की। दोनों डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान सेवा कर चुके हैं।
यूनुस ने कहा कि चुनावों को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाने के लिए फर्जी खबरों की बाढ़ आ गई थी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरिम सरकार 12 फरवरी को चुनाव कराने और परिणाम घोषित होने के बाद सत्ता एक निर्वाचित सरकार को सौंपने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।
उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार चुनावों के दौरान पूरी तरह से तटस्थ रहेगी, जिससे निष्पक्ष प्रशासन और सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित होंगे।
भाषा तान्या नरेश
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