पोप लियो ने शांति और 9/11 हमलों में मारे गए लोगों के लिए की विशेष प्रार्थना
पोप लियो ने शांति और 9/11 हमलों में मारे गए लोगों के लिए की विशेष प्रार्थना
वेटिकन सिटी, 13 सितंबर (एपी) कैथोलिक इसाई संप्रदाय के इतिहास में पहली बार उत्तरी अमेरिका से बने उसके प्रमुख पोप लियो-15वें ने अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर रविवार को शांति के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने का आह्वान किया।
पोप लियो-15वें मूल रूप से अमेरिका के निवासी हैं और उनका जन्म शिकागो शहर में हुआ है।
पोप ने अमेरिका के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमले की बरसी के बाद पहली बार सार्वजनिक अपने विचार रखे हैं। उन्होंने सेंट पीटर्स स्क्वायर की ओर खुलने वाली अपने आवास की खिड़की से रविवार दोपहर की पारंपरिक प्रार्थना के बाद अंग्रेजी में श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
पोप लियो-15वें ने कहा, ‘‘दो दिन पहले अमेरिका में 11 सितंबर के आतंकवादी हमलों की 25वीं बरसी थी। मैं उन लोगों के लिए फिर से प्रार्थना करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई और जो उस दुखद दिन के घाव आज भी झेल रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब हमारे बहुत से भाई-बहन संघर्ष और हिंसा से जूझ रहे हैं, मैं सभी से प्रार्थना करने का आग्रह करता हूं कि प्रभु दुनिया को शांति का उपहार दें।’’
पोप ने इतालवी भाषा में कहा, ‘‘25 साल पहले हुई दुखद घटनाओं की याद हमें शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराने के लिए प्रेरित करती है, और सबसे बढ़कर प्रार्थना के जरिए।’’
पूर्व में रॉबर्ट प्रेवोस्ट नाम से पहचाने जाने वाले पोप 11 सितंबर, 2001 को रोम में अपने ऑगस्टीनियन धार्मिक संघ की एक सभा में शामिल हो रहे थे। उस समय, वे ऑगस्टीनियन्स के शिकागो प्रोविंशियल लीडर थे। 14 सितंबर को, जो उनका जन्मदिन भी था, प्रेवोस्ट को पूरे संघ का प्रमुख चुना गया। वह 2012 तक लगातार दो कार्यकाल के लिए इस पद पर रहे।
एपी धीरज रंजन
रंजन

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