स्टैनफोर्ड में सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान फलस्तीन समर्थक छात्रों का बहिर्गमन

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स्टैनफोर्ड में सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान फलस्तीन समर्थक छात्रों का बहिर्गमन

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 11:37 AM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 11:37 AM IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 15 जून (भाषा) अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई के संबोधन के दौरान फलस्तीन समर्थक कई छात्रों ने बहिर्गमन किया।

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से ‘मैटीरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग’ में मास्टर ऑफ साइंस (एमएस) की डिग्री प्राप्त कर चुके पिचाई रविवार को वर्ष 2026 की कक्षा को संबोधित करने के लिए अपने पूर्व शिक्षण संस्थान लौटे थे।

‘स्टैनफोर्ड रिपोर्ट’ के अनुसार विश्वविद्यालय के 135वें दीक्षांत समारोह में 3,600 छात्रों सहित 20,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

‘एसएफगेट’ की एक खबर में कहा गया है कि पिचाई द्वारा छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य उपस्थित लोगों को संबोधित किए जाने के दौरान लगभग 200 छात्र समारोह स्थल से बाहर चले गए।

खबर के अनुसार, दर्शक दीर्घा में मौजूद कुछ समूहों ने बैनर और फलस्तीनी झंडे लहराए तथा सीटी बजाई। बाद में वे भाषण के बीच में ही बाहर निकल गए।

खबर में कहा गया कि फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने इजराइल सरकार के साथ गूगल के संबंधों, विशेष रूप से वर्ष 2021 में हुए 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर के क्लाउड कंप्यूटिंग समझौते ‘प्रोजेक्ट निम्बस’ का विरोध किया। खबर के अनुसार गाजा में युद्ध और परिसर में फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों पर विश्वविद्यालय की कार्रवाई के विरोध में पिछले तीन वर्षों के दौरान भी स्टैनफोर्ड के दीक्षांत समारोहों में छात्रों ने प्रदर्शन किए हैं।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कुछ छात्र फलस्तीनी झंडे और बैनर लेकर कार्यक्रम स्थल से बाहर जाते तथा ‘फ्री फलस्तीन’ जैसे नारे लगाते दिखाई दिए। खबरों के अनुसार, इस प्रदर्शन का आयोजन ‘स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन फलस्तीन’ और ‘नो टेक फॉर अपार्थाइड’ सहित कुछ समूहों ने किया था।

अपने संबोधन में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर और व्हार्टन स्कूल के पूर्व छात्र पिचाई ने चेन्नई से कैलिफोर्निया तक के अपने सफर और इस दौरान सीखे गए जीवन के सबक साझा किए।

भारतीय-अमेरिकी उद्यम पूंजी निवेशक और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के वरिष्ठ कारोबारी विनोद खोसला ने छात्रों के बहिर्गमन की आलोचना की।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि छात्रों ने मानवता के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने वाली तकनीकी प्रगति का नेतृत्व करने वाले गूगल और सुंदर पिचाई के प्रति असम्मान दिखाया है।

खोसला की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा कि उनकी समझ के अनुसार छात्रों ने गाजा में इजराइल की कार्रवाई और इजराइली रक्षा बल (आईडीएफ) के साथ गूगल के अनुबंधों के विरोध में वॉकआउट किया। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने के छात्रों के अधिकार का समर्थन किया जाना चाहिए।

भाषा मनीषा शोभना

शोभना