(विनय शुक्ला)
मॉस्को, आठ मार्च (भाषा) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संकट को भड़काने के लिए पश्चिमी देशों को दोषी ठहराया है और कहा कि यह संघर्ष कीव में सत्ता परिवर्तन के लिए उन राष्ट्रों के समर्थन से उत्पन्न हुआ है।
पुतिन ने यह टिप्पणी सरकारी टेलीविजन कार्यक्रम ‘‘मॉस्को, क्रेमलिन, पुतिन’’ को दिये एक साक्षात्कार में की, जिसके कुछ अंश रविवार को रुसिया 24 चैनल पर प्रसारित किये गए।
उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन संकट की शुरुआत कहां से हुई? यह यूक्रेन में तख्तापलट के लिए पश्चिमी देशों के समर्थन से, फिर क्रीमिया की घटनाओं से, और फिर दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन – डोनबास और नोवोरोसिया में हुई घटनाओं से उत्पन्न हुआ। वहीं से सब कुछ शुरू हुआ।’’
पुतिन ने कहा, ‘‘इसमें हमारी भूमिका नहीं है बल्कि यह पश्चिमी देशों, जिनमें यूरोपीय देश भी शामिल हैं, की करतूत है। अब वे अपने कर्मों का फल भोग रहे हैं।’’
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली शांति वार्ता का अगला दौर अनिश्चित बना हुआ है।
पुतिन ने यूक्रेनी नेतृत्व पर यूरोपीय देशों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि यह एक ऐसी स्थिति होती है, ‘‘जिसमें एक बड़े समूह को एक छोटे समूह को संतुष्ट करने के लिए कुछ करना पड़ता है।’’
पुतिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की द्वारा रूसी सेनाओं का मुकाबला करने के लिए पश्चिमी सहयोगियों से अधिक हथियारों की मांग और हंगरी सहित पड़ोसी यूरोपीय देशों को ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित करने संबंधी कीव के प्रयासों का जिक्र कर रहे थे।
इस बीच, पुतिन ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रूसी महिलाओं को बधाई दी।
यह दिवस सोवियत काल से ही देश में व्यापक रूप से मनाया जाता रहा है।
पुतिन ने कहा, ‘‘मैं कामना करता हूं कि आप अपने प्रियजनों के साथ खुश रहें, आपके जीवन में जो भी महत्वपूर्ण हो उसमें सफलता प्राप्त करें, और आप तथा आपके सभी प्रियजनों को स्वास्थ्य और समृद्धि मिले।’’
भाषा सुभाष नरेश
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