ईरान समझौते पर व्हाइट हाउस के दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर को लेकर सवाल

ईरान समझौते पर व्हाइट हाउस के दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर को लेकर सवाल

ईरान समझौते पर व्हाइट हाउस के दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर को लेकर सवाल
Modified Date: June 17, 2026 / 11:54 am IST
Published Date: June 17, 2026 11:54 am IST

वाशिंगटन, 17 जून (एपी) व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों और रिपब्लिकन सांसदों को भेजे गए एक दस्तावेज में दावा किया है कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते से अमेरिका ने अपने प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य हासिल कर लिए हैं।

दस्तावेज में कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और क्षेत्रीय तनाव कम होगा।

हालांकि समझौते का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे इसके दावों को लेकर भ्रम और संदेह बना हुआ है। कई रिपब्लिकन नेताओं ने भी माना है कि समझौते की शर्तें गोपनीय रखे जाने से अटकलों को बढ़ावा मिला है।

प्रारंभिक समझौते की शर्तें सार्वजनिक नहीं किए जाने के कारण के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से कहा कि वह ‘‘इसे करने से पहले औपचारिक रूपरेखा तय करना चाहेंगे।’’

दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि समझौते से अमेरिकी परिवारों को ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में राहत मिलेगी। साथ ही दावा किया गया है कि ईरान को अमेरिकी करदाताओं का धन नहीं मिलेगा और उसे केवल निर्धारित शर्तें पूरी करने पर ही आर्थिक लाभ दिया जाएगा।

दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित समझौता इजराइल और लेबनान के बीच तनाव कम करने में मदद करेगा। लेकिन हिजबुल्ला इन वार्ताओं का हिस्सा नहीं है और इजराइल ने भी संकेत दिया है कि वह समझौते की सभी शर्तों से बंधा नहीं होगा। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लेबनान से इजराइली सेना की वापसी प्रस्तावित समझौता ज्ञापन की शर्त नहीं है।

समझौते का अंतिम स्वरूप सामने आने से पहले इसके संभावित प्रभाव और व्हाइट हाउस के दावों को लेकर बहस जारी है। इजराइली सेना की वापसी प्रस्तावित समझौता ज्ञापन की शर्त नहीं है।

एपी मनीषा अमित

अमित


लेखक के बारे में