(हरिंदर मिश्रा)
यरूशलम, 12 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह समुद्री आहार सुरक्षा पर दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को यरूशलम पहुंचे। इस शिखर सम्मेलन में चरम जलवायु परिस्थितियों में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के जरिये खाद्य उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
‘समुद्री आहार सुरक्षा पर दूसरा वैश्विक शिखर सम्मेलन : समुद्र भविष्य हैं’ 13 से 15 जनवरी तक इजराइल के दक्षिणी तटीय शहर ईलात में आयोजित किया जाएगा। सिंह इजराइल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर के निमंत्रण पर इस शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
समुद्री आहार से तात्पर्य समुद्र में पनपने वाले जलीय जीवों या शैवाल से है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस वैश्विक आयोजन में सिंह की भागीदारी भारत और इजराइल के बीच बढ़ते रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालती है।
उन्होंने कहा कि यह भागीदारी मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
सूत्रों के अनुसार, सिंह इजराइल यात्रा के दौरान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले अन्य देशों के मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
उन्होंने कहा, “शिखर सम्मेलन में नीतिगत तालमेल और संस्थागत साझेदारी के जरिये द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन और आधुनिक जलीय कृषि प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।”
सूत्रों ने बताया कि चर्चा में अनुसंधान, क्षमता निर्माण और नवाचार संबंधों को बढ़ावा देने, उन्नत मत्स्य पालन में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास करने तथा स्थिरता, जलवायु लचीलापन एवं खाद्य सुरक्षा पर जोर देते हुए नीली अर्थव्यवस्था के एजेंडे को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इजराइल यात्रा के दौरान सिंह कृषि, मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में काम करने वाली देश की प्रमुख कंपनियों और स्टार्टअप के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से भी मुलाकात करेंगे।
उन्होंने बताया कि ईलात में सिंह भारतीय-यहूदी समुदाय से भी मिलेंगे, भारतीय-यहूदी सांस्कृतिक चौक का दौरा करेंगे और एक चबाड़ इबादतगाह जाएंगे, जहां मुंबई के नरीमन हाउस में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमलों के दौरान मारे गए छह यहूदियों की याद में एक पट्टिका लगाई गई है।
सूत्रों के अनुसार, सिंह की इस यात्रा से भारत और इजराइल के बीच लंबे समय से जारी साझेदारी के और मजबूत होने, मत्स्य पालन और जलीय कृषि में सहयोग को बढ़ावा मिलने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग के नये रास्ते खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भाषा पारुल नेत्रपाल मनीषा
मनीषा