हेग, 21 मई (एपी) संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अदालत ने बृहस्पतिवार को हड़ताल के अधिकार पर एक ऐतिहासिक परामर्श राय जारी किया जिसमें कहा गया कि श्रमिकों का हड़ताल का अधिकार एक महत्वपूर्ण श्रम संधि के अंतर्गत संरक्षित है।
वर्ष 2023 में, संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत आने वाले अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने एक आंतरिक विवाद के निपटारे के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) से यह तय करने का आग्रह किया था कि आईएलओ की किसी संधि के तहत श्रमिकों को हड़ताल का अधिकार दिया गया है या नहीं।
संबंधित संधि को 158 देशों ने अनुमोदित किया है और इसे संयुक्त राष्ट्र के श्रम मानकों, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के दिशानिर्देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में शामिल किया गया है। अमेरिका आईएलओ का सदस्य है, लेकिन उसने इस संधि को अनुमोदित नहीं किया है।
संयुक्त राष्ट्र की कई एजेंसियां कानूनी सवालों पर विचार करने और परामर्श राय जारी करने के लिए आईसीजे से अनुरोध कर सकती हैं।
अक्टूबर में हुई सुनवाई के दौरान, हेग स्थित न्यायालय ने 18 देशों और आईएलओ सहित पांच अंतरराष्ट्रीय संगठनों की दलीलें सुनीं, जबकि कई अन्य देशों ने लिखित तर्क प्रस्तुत किए। इनमें से अधिकतर ने हड़ताल के अधिकार का समर्थन किया।
एपी
नेत्रपाल नरेश
नरेश