Donald Trump on Netanyahu: ‘Fu##### Crazy…’ कहकर ट्रंप ने नेतन्याहू को सुनाई खरी-खोटी! इजरायल के सबसे बड़े समर्थक ही हुए नाराज, क्या जंग में साथ निभाने वाली दोस्ती अब टूटने की कगार पर?

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Donald Trump on Benjamin Netanyahu: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हालिया तनाव ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 04:21 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 04:23 PM IST

netanyahu trump/ image source: ib24 archive

HIGHLIGHTS
  • ट्रंप-नेतन्याहू संबंधों में खटास बढ़ी
  • ईरान समझौते पर मतभेद गहराए
  • लेबनान कार्रवाई से बढ़ा विवाद

Donald Trump on Benjamin Netanyahu: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हालिया तनाव ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने एक फोन कॉल के दौरान नेतन्याहू पर नाराजगी जताते हुए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।

Donald Trump: ट्रंप-नेतन्याहू रिश्तों में बढ़ा तनाव

बताया जा रहा है कि ट्रंप इजरायल की हालिया सैन्य गतिविधियों, खासकर लेबनान में संभावित बड़े ऑपरेशन और बेरूत पर हमले की योजना से असहमत हैं। ट्रंप का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को नुकसान पहुंचा सकती है और क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।

Trump Netanyahu tensions: क्या है पूरा मामला?

दरअसल, ट्रंप की प्राथमिकता इस समय ईरान के साथ किसी बड़े समझौते तक पहुंचना है, जिसे वे अपनी विदेश नीति की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश करना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के परमाणु समझौते से भी बड़ा और प्रभावशाली करार करने की कोशिश में हैं। हाल के दिनों में उन्होंने कई बार संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ वार्ता सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। हालांकि, इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों और क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण यह प्रक्रिया बार-बार प्रभावित हो रही है। ईरान भी आरोप लगाता रहा है कि इजरायली हमले कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर रहे हैं।

US Israel relations: इजरायल की चिंताएं अलग

वहीं, इजरायल की चिंताएं अलग हैं। नेतन्याहू सरकार को आशंका है कि अमेरिका किसी अस्थायी या सीमित समझौते पर सहमत हो सकता है, जिससे ईरान को अपनी ताकत दोबारा संगठित करने का मौका मिल जाएगा। इजरायल का मानना है कि यदि तेहरान पर दबाव कम हुआ तो उसके समर्थित संगठन, जैसे हिजबुल्लाह, और अधिक मजबूत हो सकते हैं। यही वजह है कि इजरायल ईरान के खिलाफ सख्त रुख बनाए रखना चाहता है, जबकि ट्रंप बातचीत और समझौते के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। इस रणनीतिक मतभेद ने दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ा दी है।

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ट्रंप किससे नाराज हैं?

नेतन्याहू से नाराज बताए गए।

विवाद का मुख्य कारण क्या?

. ईरान डील और लेबनान।

ट्रंप क्या हासिल करना चाहते?

ईरान के साथ बड़ी डील।