रूस नाटो की परमाणु क्षमता को नजरअंदाज नहीं कर सकता: पुतिन

रूस नाटो की परमाणु क्षमता को नजरअंदाज नहीं कर सकता: पुतिन

रूस नाटो की परमाणु क्षमता को नजरअंदाज नहीं कर सकता: पुतिन
Modified Date: February 26, 2023 / 09:51 pm IST
Published Date: February 26, 2023 9:51 pm IST

ताल्लिन (एस्तोनिया), 26 फरवरी (एपी) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को प्रसारित एक साक्षात्कार में ‘न्यू स्टार्ट’ ( नयी सामरिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि) संधि में भागीदारी को निलंबित करने के अपने देश के हालिया फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि रूस के पास उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की परमाणु क्षमताओं पर गौर करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।

पुतिन ने दोहराया कि रूस के अस्तित्व को खतरा है क्योंकि उनके अनुसार नाटो सदस्य, देश की ‘‘रणनीतिक हार’’ देखना चाहते हैं।

उन्होंने रूस के सरकारी टीवी को बताया कि रूस के लिए ‘‘सुरक्षा, रणनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने’’ की आवश्यकता के कारण ‘न्यू स्टार्ट’ की भागीदारी निलंबित करने का फैसला किया गया।

पुतिन ने कहा, ‘‘जब सभी प्रमुख नाटो देशों ने हमारी रणनीतिक हार को अपना मुख्य लक्ष्य घोषित किया है, तो हम इन परिस्थितियों में उनकी परमाणु क्षमताओं को कैसे अनदेखा कर सकते हैं?’’

पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि रूस ‘न्यू स्टार्ट’ संधि में अपनी भागीदारी निलंबित कर रहा है जिसका उद्देश्य परमाणु हथियारों के विस्तार पर रोक लगाना है। यह संधि अमेरिका के साथ रूस का आखिरी बचा हुआ परमाणु हथियार नियंत्रण समझौता है।

पुतिन ने यह भी घोषणा की थी कि वह यूक्रेन में युद्ध को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव नहीं करेंगे। इस घोषणा से पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।

‘न्यू स्टार्ट’ संधि पर 2010 में रूस और अमेरिका ने हस्ताक्षर किए थे। यह संधि दोनों देशों द्वारा तैनात किये जा सकने वाले लंबी दूरी के परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करती है और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल के उपयोग को भी सीमित करती है।

एपी सिम्मी नरेश

नरेश


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