संरा प्रमुख, राजनयिकों ने अहिंसा और समानता के गांधीजी के संदेश की प्रासंगितकता पर जोर दिया

संरा प्रमुख, राजनयिकों ने अहिंसा और समानता के गांधीजी के संदेश की प्रासंगितकता पर जोर दिया

संरा प्रमुख, राजनयिकों ने अहिंसा और समानता के गांधीजी के संदेश की प्रासंगितकता पर जोर दिया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: October 2, 2020 4:41 pm IST

संयुक्त राष्ट्र, दो अक्टूबर (भाषा) संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने शुक्रवार को कहा कि महात्मा गांधी की 151वीं जयंती उनके मूल्यों को कायम रखने के प्रयास करने का स्मरण दिलाती है। अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के इस मौके पर दुनियाभर के राजनयिकों ने सभी के लिए न्याय और समानता के गांधीजी के सिद्धांतों के महत्व को रेखांकित किया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ‘‘महात्मा गांधी की जयंती के दिन यह अंतरराष्ट्रीय दिवस अहिंसा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की अत्यधिक ताकत को रेखांकित करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सभी के लिए गरिमा और समानता को बढ़ावा देने और शांतिपूर्ण तरीके से साथ में रहने वाले समुदायों के लिए गांधीजी के मूल्यों को निरंतर कायम रखने के प्रयासों का स्मरण दिलाती है।’’

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस तथा गांधीजी की 150वीं जयंती समारोहों के समापन के अवसर पर डिजिटल आयोजन किया गया।

इस अवसर पर एक विशेष वीडियो दिखाया गया जिसमें गांधी की हत्या पर सुरक्षा परिषद में संयुक्त राष्ट्र के राजनयिकों की प्रतिक्रियाएं शामिल थीं।

इसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत दुनिया के नेताओं के वीडियो भी दिखाये गये जिनमें पिछले इतने सालों में गांधीजी के सिद्धांतों एवं विचारों पर उनके भाषणों के अंश शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टी एस तिरुमूर्ति ने कहा, ‘‘यदि हम गांधीजी को प्रारंभिक रूप से शांति और अहिंसा के दूत के रूप में देखते हैं तो मुझे लगता है कि हम कुछ कमी छोड़ रहे होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि हम एक निर्वात में अहिंसा की बात नहीं कर रहे।’’

तिरुमूर्ति ने कहा कि अंतत: गांधीजी का लक्ष्य सत्य के अनुसरण का था और वह मानते थे कि सत्य का अनुसरण करके ही वास्तविक तौर पर अहिंसा का मार्ग प्राप्त किया जा सकता है।

समारोह में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत कैली क्राफ्ट, संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश की स्थायी प्रतिनिधि रबाब फातिमा और संयुक्त राष्ट्र में जापान के राजदूत इशिकाने किमिहिरो आदि ने भी संबोधित किया।

भाषा वैभव माधव

माधव


लेखक के बारे में