US Commission Report: क्या चीन ने अपने फायदे के लिए कराई थी पाकिस्तान की लड़ाई? अमेरिकी रिपोर्ट में सनसनीखेज दावा, कहा पाकिस्तान ने भारत को हराया

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US Commission Report: क्या चीन ने अपने फायदे के लिए कराई थी पाकिस्तान की लड़ाई? अमेरिकी रिपोर्ट में सनसनीखेज दावा, कहा पाकिस्तान ने भारत को हराया

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  • Publish Date - November 20, 2025 / 11:54 PM IST,
    Updated On - November 20, 2025 / 11:54 PM IST

US Commission Report

नई दिल्ली: US Commission Report अमेरिकी रिपोर्ट में भारत को लेकर ऐसी बातें लिखी गई हैं जिसमें पाकिस्तान को मजबूत बताया है। दरअसल, मई 2025 में हुए भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई (ऑपरेशन सिंदूर) में भारत को बड़ी सैन्य कामयाबी मिली थी। चार दिनों तक चले इस संघर्ष में भारत ने दावा किया था कि उसने पाकिस्तान की सीमा में मौजूद कई ‘आतंकी ढांचों को नष्ट’ कर दिया और भारतीय सेना को इस सैन्य संघर्ष में ‘कामयाबी’ मिली।

US Commission Report रिपोर्ट में यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (USCC) की हाल ही में जारी 800 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट में पहलगाम अटैक की कैटेगरी बदल दी गई है। इस रिपोर्ट में पहलगाम अटैक को भी आतंकी हमला न मानकर ‘विद्रोही हमला’ माना गया है। रिपोर्ट पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी संसद में पेश हुई इस रिपोर्ट ने भारत के साथ हुई सैन्य टकराव में पाकिस्तान की जीत पर मुहर लगा दी है।

कांग्रेस सांसद ने जताया विरोध

कांग्रेस बोली- क्या पीएम विरोध जताएंगे कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस रिपोर्ट का विरोध जताते हुए इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे और विरोध जताएंगे? हमारी कूटनीति को एक और बड़ा झटका लगा है।

जयराम रमेश ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान के बीच “मध्यस्थता” वाले दावे की याद दिलाते हुए, पीएम मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप अब तक 60 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को रोक दिया था। प्रधानमंत्री इस बारे में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। अब अमेरिकी कांग्रेस के यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी कमीशन की यह रिपोर्ट आई है, जो भारत के लिए एकदम अस्वीकार्य है। क्या प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय इस पर आपत्ति और विरोध दर्ज कराएंगे? हमारी कूटनीति को एक और गंभीर झटका लगा है।