कोलंबो, तीन मार्च (भाषा) श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायक ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध होने का मंगलवार को आग्रह किया और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों को रेखांकित किया।
राष्ट्रपति दिसानायक ने संसद को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, “हम आशा करते हैं कि सभी पक्ष इसके शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध होंगे क्योंकि इसका श्रीलंका सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा।’’
दिसानायक ने कहा, “यह हमारे नियंत्रण से बाहर है, लेकिन हमें उभरती स्थिति का सामना करने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनानी होंगी।”
उन्होंने 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि श्रीलंका के पास सीमित भंडारण क्षमता है।
राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे पास अगले 2-3 महीनों की ईंधन मांग को पूरा करने के लिए भंडारण की क्षमता नहीं है…यह क्षमता लगभग 40 दिनों तक ही सीमित है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार और केंद्रीय बैंक स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे हैं ताकि आवश्यक उपाय किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सोमवार को आपातकाल की अवधि बढ़ा दी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आवश्यक सेवाएं बिना किसी बाधा के मुहैया कराई जा सकें।
भाषा अविनाश मनीषा
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