कोलंबो, छह जनवरी (भाषा) श्रीलंका ने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वह अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा, कल्याण और उनके संप्रभु अधिकारों को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की दिशा में काम करे।
अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर शनिवार को सैन्य हमला कर उसके नेता निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था। अमेरिका ने अपदस्थ राष्ट्रपति मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाया है जिसे उन्होंने खारिज किया है।
अमेरिकी सैनिक मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क ले गए। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद वेनेजुएला ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया।
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय द्वारा सोमवार को यहां जारी एक बयान में कहा गया, “यह महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे उसके निकाय इस मामले पर संज्ञान लें और वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा, कल्याण एव संप्रभु अधिकारों को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करें।’’
बयान में कहा गया कि श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान करने की आवश्यकता पर बल देता है, जैसे बल प्रयोग पर रोक, हस्तक्षेप न करना, अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान तथा राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता।
सरकार के बयान से पहले, देश में सत्तारूढ़ एनपीपी (नेशनल पीपल्स पावर) के प्रमुख घटक जेवीपी (जनता विमुक्ति पेरामुना) ने इस मामले में प्रतिक्रिया दी थी।
यह पार्टी वेनेजुएला में ह्यूगो चावेज और मादुरो की सरकारों की समर्थक रही है। उसने कहा कि वह संप्रभु राष्ट्र वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप कर लोगों द्वारा निर्वाचित राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का अपहरण करने की अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है।
जेवीपी से अलग हुए कट्टरपंथी ‘फ्रंटलाइन सोशलिस्ट पार्टी’ (एफएसपी) के कार्यकर्ता सोमवार को यहां अमेरिका दूतावास के सामने मादुरो के समर्थन में प्रदर्शन के लिए जुटे।
भाषा
सिम्मी मनीषा
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