(अदिति खन्ना)
लंदन, 22 जून (भाषा) ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में केअर स्टार्मर ने लगभग दो साल लंबे अपने कार्यकाल के दौरान भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर मुहर लगाई, साथ ही वह दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध भी अपने उत्तराधिकारी को विरासत में देकर जा रहे हैं। ब्रिटिश-भारतीय विशेषज्ञों ने सोमवार को यह बात कही।
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी का नया नेता चुनने की कवायद तेज हो गई है। नवनिर्वाचित सांसद एंडी बर्नहैम के आने वाले हफ्तों में 10 डाउनिंग स्ट्रीट (ब्रिटिश प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास एवं कार्यालय) में स्टार्मर की जगह लेने की संभावना है।
‘कोबरा बीयर’ के संस्थापक और ‘इंडिया ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप’ (एपीपीजी) के सह-अध्यक्ष लॉर्ड करन बिलिमोरिया ने कहा, “जहां तक भारत की बात है, स्टार्मर के प्रधानमंत्री कार्यकाल में ही ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जबकि इस करार पर बातचीत हमने जनवरी 2022 में ही शुरू कर दी थी।”
उन्होंने कहा, “ब्रिटेन के लिए भारत एक खास देश है। दोनों देशों के रिश्ते भी बेहद खास हैं और हमेशा रहेंगे… लेबर पार्टी का अगला नेता कोई भी हो, भारत उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगा। वह दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच रिश्तों को और गहरा करने को अहमियत देंगे।”
बिलिमोरिया ने स्टार्मर को एक “अच्छा व्यक्ति” बताया, जो द्विपक्षीय साझेदारी के मामले में हमेशा दूसरों की बातें सुनते थे और उनका महत्व समझते थे।
उन्होंने कहा, “नौ साल तक मैं एक के बाद एक सभी प्रधानमंत्री-चाहे वह बोरिस जॉनसन हों या ऋषि सुनक-से कहता रहा कि एक बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत ले जाएं, क्योंकि इससे बहुत बड़ा असर पड़ेगा, लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया। हालांकि, केअर स्टार्मर ने मेरी बात सुनी और पिछले साल अक्टूबर में हम बड़े व्यापार प्रतिनिधिमंडल को मुंबई लेकर गए।”
‘एआई पॉलिसी लैब्स’ के संस्थापक और हाउस ऑफ लॉर्ड्स (ब्रिटिश संसद का ऊपरी सदन) में लेबर पार्टी के सदस्य उदय नागराजू ने इस बात से सहमति जताई कि स्टार्मर ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के जरिये ब्रिटेन-भारत संबंधों को आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री सर केअर स्टार्मर सम्मानजनक रूप से और बेहद शानदार रिकॉर्ड के साथ अपना पद छोड़ रहे हैं। वह लेबर पार्टी को फिर से सत्ता में ले आए और ब्रिटिश राजनीति में स्थिरता और आर्थिक विश्वसनीयता बहाल की।”
नागराजू ने कहा, “स्टार्मर ने 2024 के आम चुनाव से पहले वादा किया था कि उनके नेतृत्व में लेबर सरकार भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाएगी और उन्होंने ऐसा कर दिखाया। सीईटीए का श्रेय केअर (स्टार्मर) और निश्चित रूप से भारत सरकार को भी जाता है।”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अगले प्रधानमंत्री भारत के साथ विकास, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और गहरी रणनीतिक साझेदारी के उस आधार को और आगे बढ़ाएंगे और उन्हें ऐसा करना भी चाहिए।”
लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि पिछले महीने संपन्न स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद स्टार्मर का भविष्य तय हो चुका था। उन्होंने अगले प्रधानमंत्री से कहा कि वह स्टार्मर के कार्यकाल से सीख लें और “वही गलतियां न दोहराएं।”
शर्मा ने कहा, “एक सांसद के तौर पर अपने लंबे सफर में मैंने लेबर पार्टी और दूसरी सरकारों में कई बदलाव देखे हैं। राजनीति में ऐसा होता रहता है।”
उन्होंने कहा, “मैं भारतीय मूल के उन सांसदों में शामिल हूं, जिन्होंने दो लोकतांत्रिक देशों-भारत और ब्रिटेन-के एक साथ आने और एफटीए को आगे बढ़ाने की अहमियत पर जोर दिया है। इस रुख में कोई बदलाव नहीं होगा।”
शर्मा ने कहा, “मुझे भरोसा है कि नये नेता यह सुनिश्चित करेंगे कि (एफटीए लागू करने के लिए) 15 जुलाई की तारीख का पालन हो और इस समझौते को आगे बढ़ाया जाए।”
भाषा पारुल अविनाश
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