(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 15 जनवरी (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत ‘‘उच्च-जोखिम’’ वाले 75 देशों के लोगों के लिए प्रवासी वीजा पर लगाई गई ताजा रोक पर्यटक या कार्य वीजा पर लागू नहीं होती और इसका असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अमेरिका में स्थायी रूप से रहना चाहते हैं।
अमेरिका ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, ईरान, इराक और रूस सहित 75 देशों के नागरिकों के लिए प्रवासी वीजा जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की बुधवार को घोषणा की। उसने कहा कि इन देशों से आने वाले प्रवासी अमेरिकी लोगों की कल्याणकारी योजनाओं का ‘‘अस्वीकार्य दरों’’ पर लाभ लेते हैं।
प्रवासियों पर ट्रंप प्रशासन की सख्ती के तहत उठाया गया यह ताजा कदम उन विदेशियों के प्रवेश पर अंकुश लगाने के लिए है जिनके अमेरिका में रहते हुए सार्वजनिक लाभों पर निर्भर रहने की आशंका है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रवासियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहिए और अमेरिकियों पर वित्तीय बोझ नहीं बनना चाहिए। विदेश मंत्रालय सभी नीतियों, विनियमों और दिशानिर्देशों की पूर्ण समीक्षा कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उच्च-जोखिम वाले इन देशों से आने वाले प्रवासी अमेरिका में कल्याणकारी योजनाओं का उपयोग न करें।’’
अफगानिस्तान, अल्बानिया, एंटीगुआ और बारबुडा, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहामास, बांग्लादेश, बारबाडोस, बेलारूस, भूटान, ब्राजील, बर्मा, कंबोडिया सहित 75 देशों के नागरिक प्रवासी वीजा आवेदकों के लिए वीजा करने पर रोक 21 जनवरी से प्रभावी होगी।
क्यूबा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, मिस्र, ईरान, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लीबिया, नेपाल, पाकिस्तान, रूस, सेंट विंसेंट एवं ग्रेनेडाइंस, सोमालिया, सीरिया, थाईलैंड, उरुग्वे, उजबेकिस्तान और यमन भी इनमें शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि यह रोक पर्यटक वीजा पर लागू नहीं होती और विशेष रूप से प्रवासी वीजा आवेदकों के लिए है। उसने कहा, ‘‘पर्यटक वीजा गैर-प्रवासी वीजा होते हैं।’’
प्रवासी वीजा (आईवी) उस व्यक्ति को जारी किया जाता है जो ‘‘अमेरिका में स्थायी रूप से रहना’’ चाहता है।
गैर-प्रवासी वीजा (एनआईवी) उन व्यक्तियों को जारी किए जाते हैं जिनका अमेरिका के बाहर स्थायी निवास होता है लेकिन वे पर्यटन, चिकित्सकीय उपचार, व्यवसाय, अस्थायी काम या अध्ययन के लिए ‘‘अस्थायी आधार’’ पर देश में प्रवेश करना चाहते हैं।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा