थाईलैंड : चुनाव में सत्तारूढ़ भुमजैथाई पार्टी सबसे आगे, रूढ़िवादी राजनीति की वापसी का संकेत

Ads

थाईलैंड : चुनाव में सत्तारूढ़ भुमजैथाई पार्टी सबसे आगे, रूढ़िवादी राजनीति की वापसी का संकेत

  •  
  • Publish Date - February 9, 2026 / 12:21 PM IST,
    Updated On - February 9, 2026 / 12:21 PM IST

बैंकॉक, नौ फरवरी (एपी) थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल की सत्तारूढ़ भुमजैथाई पार्टी आम चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतने की ओर अग्रसर है। सोमवार को लगभग 94 प्रतिशत मतदान केंद्रों के परिणाम आने के बाद देश के निर्वाचन आयोग ने अनाधिकारिक परिणामों में यह जानकारी दी।

यह पिछले कई वर्षों में किसी रूढ़िवादी दल की पहली निर्णायक जीत मानी जा रही है। रविवार को चुनाव ऐसे समय में हुए जब देश की आर्थिक वृद्धि धीमी और राष्ट्रवादी भावनाएं उफान पर हैं। मतदान लगभग 65 प्रतिशत दर्ज किया, जो 2023 के चुनावों की तुलना में काफी कम है।

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के अनुसार, 500 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में भुमजैथाई पार्टी को करीब 193 सीटें मिल सकती हैं। सदन में 400 सदस्य प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैं, जबकि 100 सदस्य पार्टी सूची में से मनोनयन प्रणाली के तहत चुने जाते हैं।

प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए 251 सीटों का साधारण बहुमत आवश्यक होता है। आंकड़ों से संकेत मिलता है कि भुमजैथाई पार्टी को सरकार गठन के लिए एक या दो सहयोगी दलों की जरूरत पड़ेगी, जिसके बाद अनुतिन के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की संभावना है।

प्रगतिशील पीपुल्स पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन वह 118 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। पार्टी ने बैंकॉक की सभी सीटों और आसपास के प्रांतों में बहुमत हासिल किया। पार्टियों के कुल मतों में भी पीपुल्स पार्टी को भुमजैथाई से लगभग 38 लाख अधिक वोट मिले।

पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा की फ्यू थाई पार्टी 74 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। इसे उस दल के लिए निराशाजनक प्रदर्शन माना जा रहा है, जो पहले कई चुनावों में प्रभावशाली रहा है। माना जा रहा है कि यदि आमंत्रण मिला तो फ्यू थाई, भुमजैथाई के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल हो सकती है।

अनुतिन पिछले वर्ष सितंबर से प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने दिसंबर में संसद भंग कर नए चुनावों की घोषणा की थी, जब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की आशंका जताई जा रही थी। चुनाव प्रचार के दौरान उनका जोर राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रोत्साहन पर रहा।

एक थिंक टैंक से जुड़े विश्लेषक ने कहा कि हालांकि नतीजे शुरुआती सर्वेक्षणों से अलग रहे, लेकिन भुमजैथाई पार्टी की जीत पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं थी।

एपी

मनीषा वैभव

वैभव