संयुक्त राष्ट्र, तीन अप्रैल (भाषा) संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद शनिवार को बहरीन द्वारा प्रस्तावित एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान करेगी, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर केंद्रित है। परिषद के स्थायी सदस्य चीन और रूस ने इस प्रस्ताव के पिछले संस्करणों का विरोध किया था, जिनमें देशों को बल प्रयोग की अनुमति देने की बात कही गई थी।
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का मसौदा इस बात की पुष्टि करता है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य सभी प्रकार के आवागमन के लिए खुला है, और किसी भी देश को इसे बंद करने या नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है।
यह देशों को पारगमन मार्ग को सुरक्षित करने और जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन में बाधा डालने वाले किसी भी कार्य को रोकने के लिए ‘‘विशेष रूप से रक्षात्मक उपाय’’ करने का अधिकार देने की बात करता है।
बहरीन द्वारा खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और जॉर्डन के समर्थन से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर सुरक्षा परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव पर शनिवार को 15 राष्ट्रों वाली सुरक्षा परिषद में मतदान होगा। बहरीन अप्रैल महीने के लिए परिषद का वर्तमान अध्यक्ष है।
माना जाता है कि प्रस्ताव मसौदे के शुरुआती संस्करण में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जो देशों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ‘‘सभी ज़रूरी उपायों का इस्तेमाल करने’’ की अनुमति देता।
हालाँकि, वीटो का अधिकार रखने वाले स्थायी सदस्य-रूस, चीन और फ्रांस ने बल प्रयोग की मंज़ूरी का विरोध किया।
अंतिम मसौदे में अब ऐसी भाषा शामिल है, जिसके अनुसार देशों को पारगमन मार्ग को सुरक्षित करने के लिए “केवल रक्षात्मक उपाय” करने का अधिकार है।
परिषद में मूल रूप से शुक्रवार को प्रस्ताव पर मतदान होना था, लेकिन ‘गुड फ्राइडे’ के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय बंद है। मतदान शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे (स्थानीय समयसनुसार) निर्धारित है।
भाषा नेत्रपाल नरेश
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