Reported By: Ranjan Dave
,Jodhpur Census Duty Controversy / Image source : IBC24
जोधपुर: Jodhpur Census Duty Controversy जोधपुर से नगर निगम की एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। निगम ने जनगणना (Census) के लिए 2084 कर्मचारियों की एक लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में उन लोगों के नाम भी डाल दिए गए हैं जो या तो रिटायर हो चुके हैं या फिर जिनकी मौत हो चुकी है। इस खबर ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है और सरकारी कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं।।
इस मामले में सबसे गंभीर लापरवाही जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के पूर्व यूडीसी अब्दुल वाहिद के केस में देखने को मिली है। जिनका निधन 10 मई 2024 को हुआ था और स्वयं नगर निगम ने ही 15 मई 2024 को उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था, फिर भी उनका नाम इस सूची में शामिल है।
इसी तरह रामापीर कॉलोनी निवासी दीपक अवस्थी, जिनका निधन 13 फरवरी 2026 को हुआ था, उन्हें भी जनगणना ड्यूटी का हिस्सा बना दिया गया। इसके अलावा, विश्वविद्यालय की पेंशनर्स कमेटी के संयोजक अशोक व्यास जो अगस्त 2024 में रिटायर हुए सहित वीरम राम और मुनाराम जैसे कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम भी इस लिस्ट में दर्ज हैं। प्रभावित परिवारों और पेंशनर्स ने इस कृत्य को प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया है।
इस पूरी घटना से पता चलता है कि नगर निगम का रिकॉर्ड बिल्कुल भी अपडेट नहीं है। जिन लोगों की मौत हो चुकी है या जो नौकरी छोड़ चुके हैं, उनके नाम अभी भी फाइलों में चल रहे हैं। अब लोग मांग कर रहे हैं कि जिन अधिकारियों ने यह गलत लिस्ट बनाई है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे से ऐसी शर्मनाक गलती न हो।
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