काहिरा, छह जून (एपी) बहरीन सरकार ने शनिवार तड़के कहा कि ईरान ने बहरीन और कुवैत की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिन्हें बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। बहरीन ने ईरान से खाड़ी के पड़ोसी देशों पर हमले तुरंत बंद करने का आग्रह करते हुए हमलों को ‘गंभीर उकसावा’ बताया।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शनिवार तड़के अमेरिका ने केश्म द्वीप और सिरिक के पास स्थित निगरानी केंद्रों पर हमले किये, जिनका उपयोग सीमाओं की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।
ईरान ने इस हमले को युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
ताजा गोलीबारी और हमलों का यह दौर ऐसे समय में शुरू हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ईरान पर युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने का दबाव बना रहा है। इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और दुनिया के कुछ सबसे पिछड़े देशों में खाद्य संकट का खतरा बढ़ गया है।
ईरान ने कहा कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिकी सेना ने पहले कहा था कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी के अरब सहयोगी देशों की ओर दागी गई कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया तथा जवाबी कार्रवाई में ईरान के कुछ तटीय निगरानी रडार केंद्रों पर हमला किया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर कहा, “हमलावर ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए तात्कालिक खतरा थे।”
सेंटकॉम ने पुष्टि की कि हमलों को रोकने के लिए जलडमरूमध्य में स्थित एक द्वीप समेत कई रडार स्थलों को निशाना बनाया गया।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजी) ने कहा कि उसने कुवैत में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े को निशाना बनाया।
सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने यह जानकारी दी।
हालांकि अमेरिकी सेना ने कहा कि उसके किसी भी सैनिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सप्ताह की शुरुआत में ईरानी ड्रोन हमलों से कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे का यात्री टर्मिनल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे।
ईरान द्वारा वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बनाए रखने के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी। इससे ऊर्जा कीमतों में तेज वृद्धि हुई है और मध्यावधि संसदीय चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौतियां पैदा हो गई हैं।
एपी जोहेब सुरेश
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