आपराधिक गिरोह ऑनलाइन ठगी केंद्रों पर काम कराने के लिए उत्तरोत्तर लोगों को लालच दे रहे हैं: संरा

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आपराधिक गिरोह ऑनलाइन ठगी केंद्रों पर काम कराने के लिए उत्तरोत्तर लोगों को लालच दे रहे हैं: संरा

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 08:58 PM IST

जिनेवा, 28 जुलाई (एपी) संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि आपराधिक नेटवर्क ऑनलाइन ठगी केंद्रों पर काम कराने के लिए पढ़े-लिखे अंग्रेजी बोलने वालों समेत हजारों लोगों की तस्करी कर रहे हैं तथा ऐसे मामले बढ़ते ही जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) का कहना है कि ज्यादातर सोशल मीडिया के जरिये ऐसे लोगों को अक्सर विदेश में नौकरी का झांसा देकर फंसाया जाता है, उसके बाद उन्हें कैद कर लिया जाता है, उनके पहचान पत्र जब्त कर लिये जाते हैं तथा हिंसा, धमकियों और ‘कर्ज़ के बोझ’ के जरिये उन्हें ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया जाता है।

आईओएम महानिदेशक एमी पोप ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे सामने ऐसे बहुत सारे मामले आ रहे हैं। हम देख रहे हैं कि 80 से ज़्यादा अलग-अलग देशों के लोगों की तस्करी करके ठगी के इस धंधे में फंसाया जा रहा है।’’

पोप ने कहा, ‘‘वे ऐसे लोगों को भर्ती कर रहे हैं जो अक्सर बहुत अच्छी अंग्रेज़ी बोलते हैं, जिनके पास स्नातक की डिग्री होती है या वे कुछ हद तक पढ़े-लिखे होते हैं।’’

उन्होंने कहा कि ये मामले ‘‘खासकर पूरे एशिया में सामने आ रहे हैं।’’

प्रवासन एजेंसी ने संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले साल पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में नुकसान 114 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया और इस क्षेत्र में मौजूद ‘ठगी के इन परिसरों’ में तस्करी करके लाए गए लाखों मज़दूर हो सकते हैं।

आईआएम ने बताया कि उसने 2022 एवं 2025 के बीच जबरदस्ती अपराध में धकेल दिये गये ऐसे 3,500 से ज़्यादा पीड़ितों की मदद की है, जो लगभग 40 देशों से संबद्ध थे।

उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में इंडोनेशिया, भारत, श्रीलंका, इथियोपिया, केन्या और बांग्लादेश के लोग सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।

एपी

राजकुमार सुरेश

सुरेश