विश्व को एकजुटता और समानता पर आधारित साझेदारी की ओर बढ़ना चाहिए : प्रधानमंत्री मोदी
विश्व को एकजुटता और समानता पर आधारित साझेदारी की ओर बढ़ना चाहिए : प्रधानमंत्री मोदी
इविन लेस बेंस(फ्रांस), 16 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जी7 नेताओं से कहा कि विश्व को ‘‘दानदाता और प्राप्तकर्ता’’ के दृष्टिकोण से आगे बढ़कर एकजुटता और समानता पर आधारित साझेदारी की ओर बढ़ना चाहिए।
‘नयी साझेदारियां तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से बनाने’ के विषय पर यहां आयोजित संपर्क सत्र में मोदी ने विशेष रूप से आज की तेजी से आपस में जुड़ती जा रही दुनिया में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाने में ‘‘विश्वास’’ के महत्व पर भी जोर दिया।
इस सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर समेत कई अन्य नेता शामिल हुए।
मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा ‘मानवता सबसे पहले’ के नजरिये को अपनाया है, जो भारत की अगुवाई वाले अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, मिशन लाइफ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी पहल में प्रदर्शित होता है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को लेकर भारत का नजरिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सदियों पुरानी सोच पर आधारित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ‘‘सतत और समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’’
जी7 शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले मोदी और समूह के सदस्य देशों के नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन भी किया।
स्लोवाकिया की अपनी दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद मोदी यहां पहुंचे।
जी7 दुनिया की सात सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है, जिनमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। यूरोपीय संघ भी इस समूह का सदस्य है।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप

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