संयुक्त राष्ट्र, 23 सितंबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच मंगलवार को मुलाकात हुई। यह अप्रत्याशित बैठक ऐसे समय में हुई, जब ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में चेतावनी दी कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो वह इस इस्लामी गणराज्य को ‘‘तबाह’’ कर सकते हैं।
ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि उनके मुख्य दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने विश्व नेताओं की वार्षिक बैठक से इतर ईरान के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
ट्रंप ने कहा, ‘‘बैठक बहुत अच्छी रही।’’ हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में ईरान की ओर से सर्वोच्च स्तर के अधिकारी शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘वे शीर्ष स्तर के अधिकारी नहीं थे, लेकिन कम से कम बातचीत तो हुई।’’
यह संपर्क जून में हुए अल्पकालिक युद्धविराम के टूटने के बाद अमेरिका-ईरान संवाद में आई रुकावट के महीनों बाद हुआ है। जुलाई की शुरुआत में अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों ने दोहा में कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ अलग-अलग अप्रत्यक्ष वार्ता की थी।
इससे पहले, मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप न्यूयॉर्क में मौजूद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात के लिए तैयार हैं।
ट्रंप ने मंगलवार को खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं तथा जॉर्डन के अधिकारियों के साथ भी ईरान युद्ध के आगे के रास्ते पर चर्चा की।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले का बचाव किया और कहा कि उन्होंने हिम्मत दिखाई है, जबकि दूसरे नेताओं ने टालमटोल वाला रवैया अपनाया है।
उन्होंने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और संघर्ष खत्म करने के लिए वार्ता की मेज पर लौटने का आह्वान किया।
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ पिछले छह महीनों में रुक-रुककर किए गए सैन्य हमलों के बारे में बताना शुरू किया, तो वहां मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के ज्यादातर सदस्य बाहर चले गए।
एपी गोला रंजन
रंजन