(फाकिर हसन)
जोहानिसबर्ग, 20 मई (भाषा) दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के दो वैज्ञानिक उन 38 लोगों में शामिल हैं जिन्हें जन स्वास्थ्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया है।
प्रोफेसर सलीम अब्दुल करीम और प्रोफेसर कीर्तन धेड़ा को मंगलवार को प्रिटोरिया में राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ मापुंगुब्वे’ से सम्मानित किया गया।
यह विशेष सम्मान दक्षिण अफ्रीका के उन नागरिकों को दिया जाता है जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका और वैश्विक समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के लिए असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं।
करीम को ‘गोल्ड ऑर्डर ऑफ मापुंगुब्वे’ से सम्मानित किया गया। उनके प्रशस्ति पत्र में चिकित्सा विज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान, विशेष रूप से एचआईवी/एड्स और तपेदिक (टीबी) महामारी विज्ञान में उनके अभूतपूर्व शोध और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति विकास में उनके असाधारण नेतृत्व को रेखांकित किया गया है।
हालांकि, करीम व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने राजकीय सम्मान के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान टीम के सदस्यों और यहां तक कि अध्ययन में शामिल किये गए मरीजों को संयुक्त रूप से दिया जाना चाहिए।
‘सिल्वर ऑर्डर ऑफ मापुंगुब्वे’ से सम्मानित किये गए धेड़ा के प्रशस्ति पत्र में फेफड़ा विज्ञान में उनके वैज्ञानिक अनुसंधान को सराहा गया है, जिसने तपेदिक और दवा प्रतिरोधी श्वसन संक्रमण के नैदानिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन में क्रांति लाई है।
राष्ट्रपति रामफोसा ने कहा, ‘‘इस वर्ष सम्मानित किये गए सभी लोगों की उपलब्धियां वैज्ञानिक और चिकित्सा क्षेत्र में सर्वोत्तम कार्यों के वैश्विक केंद्र के रूप में हमारे देश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को दर्शाती हैं।’’
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश