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रोम, 20 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई वार्ता के बाद, भारत और इटली ने बुधवार को अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने तथा व्यापार, निवेश और नयी प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
मेलोनी के साथ बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘हमने भारत-इटली संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।’’
मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार रात रोम पहुंचे थे।
मेलोनी के साथ बातचीत के लिए पहुंचने पर मोदी को रस्मी सलामी गारद दी गई।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से मुलाकात की तथा व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में भारत-इटली साझेदारी को और बढ़ाने पर चर्चा की।
इससे पहले, मोदी ने कहा था कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और इटली के बीच सहयोग को मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा करना होगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा और संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा करेंगे।
इटली में भारतीय दूतावास के मुताबिक, हाल के सालों में भारत और इटली के बीच आर्थिक जुड़ाव बढ़ा है और 2025 में दोनों देशों का व्यापार 14.25 अरब यूरो तक पहुंच गया।
भारत का निर्यात 8.55 अरब यूरो रहा, जबकि 2025 में इटली का भारत को निर्यात 5.70 अरब यूरो दर्ज किया गया, जो 2024 के मुकाबले 9.42 प्रतिशत ज्यादा है।
दोनों देशों ने 2029 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
इटली यूरोपीय संघ में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है और उसने अपनी वैश्विक व्यापार रणनीति के तहत भारत को प्राथमिकता वाले देशों में से एक माना है।
भाषा शफीक नरेश
नरेश