काठमांडू, 28 सितंबर (भाषा) नेपाल की हिमलुंग हिमाल चोटी पर हिमस्खलन स्थल से सोमवार को दो और शव बरामद किए गए जिससे बरामद शवों की संख्या चार हो गई है, जबकि 12 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नेपाल के मनांग जिले के नार फू क्षेत्र में रविवार को 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के आधार शिविर में हिमस्खलन हुआ। इसमें वह तंबू बर्फ में दब गया, जिसमें पर्वतारोही और सहायक कर्मचारी शरण लिए हुए थे। इसके बाद कई कर्मचारी और गाइड लापता हो गए।
नेपाल नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन (एनएनएमजीए) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि सोमवार को बरामद किए गए शवों की पहचान बीरेंद्र गुरुङ और घन श्याम राई के रूप में हुई है।
एनएनएमजीए ने बताया कि छेबी भोटे और पासांग भोटे के शव रविवार को बरामद किए गए थे। संगठन ने कहा कि उसकी खोज और बचाव टीम हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र में अभियान जारी रखे हुए है।
‘द काठमांडू पोस्ट’ अखबार ने बताया कि एनएनएमजीए के अध्यक्ष तुल सिंह गुरुङ ने कहा कि यदि मौसम और पर्वतीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो टीम ने सोमवार को तलाश अभियान जारी रखने की योजना बनाई थी।
अखबार ने गुरुङ के हवाले से कहा, ‘‘चार शव बरामद कर उनकी पहचान कर ली गई है। 12 लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।’’
रिपोर्ट के अनुसार, ‘इमेजिन नेपाल ट्रेक एंड एक्सपीडिशन’ के मिंगमा जी. शेरपा के नेतृत्व में खोज दल को सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर से चामे से हिमलुंग आधार शिविर ले जाया गया, जहां वह बचाव अभियान में शामिल हुए।
रिपोर्ट में कहा गया कि रविवार को बरामद किए गए शवों को चामे अस्पताल से विमान के जरिए काठमांडू ले जाया गया और त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल पहुंचाया गया।
नेपाल के पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश और बर्फबारी के बीच रविवार को हिमस्खलन हुआ। इसके कारण भूस्खलन और बाढ़ भी आई है।
नेपाल में पर्वतारोहियों की हालिया मौत ऐसे समय में हुई है, जब देश अभी अगस्त में आई विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ से उबर रहा है। इस बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई और करीब 6,000 अन्य लोग लापता हो गए।
भाषा तान्या नरेश
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