ब्रिटेन : चर्चिल पर बंगाल दुर्भिक्ष के आरोप के बाद गैलरी ने ‘कलात्मक अभिव्यक्ति’ का बचाव किया

ब्रिटेन : चर्चिल पर बंगाल दुर्भिक्ष के आरोप के बाद गैलरी ने 'कलात्मक अभिव्यक्ति' का बचाव किया

ब्रिटेन : चर्चिल पर बंगाल दुर्भिक्ष के आरोप के बाद गैलरी ने ‘कलात्मक अभिव्यक्ति’ का बचाव किया
Modified Date: June 16, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: June 16, 2026 10:14 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 16 जून (भाषा) ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित ‘नेशनल पोर्ट्रेट गैलरी’ में एक प्रदर्शनी में रखे गए उस वीडियो का बचाव किया है जिसमें विंस्टन चर्चिल को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान बंगाल दुर्भिक्ष के दौरान भारतीयों को जान-बूझकर भूखा रखने का आरोप लगाया गया। विथिका ने इसे ‘कलात्मक अभिव्यक्ति की आजादी’ करार दिया।

गैलरी में ‘आर्टिस्ट्स फर्स्ट: कंटेम्पररी पर्सपेक्टिव्स ऑन पोर्ट्रेट्योर’ नाम से पिछले साल सितंबर में प्रदर्शन शुरू हुई और यह इस हफ्ते तब चर्चा में आ गई जब ब्रिटिश मीडिया के एक धड़े ने ब्रिटेन के युद्ध-कालीन प्रधानमंत्री से जुड़े दावों को उजागर किया।

जमैका मूल की ब्रिटिश कलाकार हेलेन कैमक की फ़िल्म ‘पर्सिस्टेंस’ में चर्चिल का जिक्र है, जिन्हें 1943 के अकाल के दौरान ‘‘भारतीयों को जान-बूझकर भूखा रखने’’ के लिए जिम्मेदार बताया गया है।

नेशनल पोर्ट्रेट गैलरी ने एक बयान में कहा, ‘‘विथिका में, अपने स्थायी संग्रह की प्रदर्शनी के अलावा, हम कलाकारों को अपने संग्रह से प्रेरित होकर कलाकृतियां बनाने का मौका भी देते हैं।’’

उसने कहा कि हेलन कैमक का यह काम, जिसे 2023 में तैयार करने का काम सौंपा गया था और जो सितंबर 2025 से एनपीजी में कुछ समय के लिए दिखाया जा रहा है, खुद कलाकार ने बनाया और सुनाया है। इसमें ऐतिहासिक और मौजूदा घटनाओं पर उनके निजी विचार शामिल हैं।

विथिका ने कहा, ‘‘हम कलात्मक अभिव्यक्ति की आज़ादी का समर्थन करते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि विथिका में किसी भी कलाकार की कृति एवं राय से सहमत हों।’’

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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