ब्रिटेन के संसदीय समूह ने पीओके में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई

ब्रिटेन के संसदीय समूह ने पीओके में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई

ब्रिटेन के संसदीय समूह ने पीओके में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई
Modified Date: June 7, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: June 7, 2026 10:27 pm IST

लंदन, सात जून (भाषा) ब्रिटेन के एक संसदीय समूह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में संचार व्यवधान, गिरफ्तारियों और “बढ़ते तनाव” की खबरों पर चिंता जताते हुए ब्रिटिश सरकार से स्थिति को लेकर अपना आकलन स्पष्ट करने की मांग की है।

ब्रिटेन के विदेश कार्यालय को शनिवार को भेजे गए पत्र में ब्रैडफोर्ड ईस्ट के सांसद इमरान हुसैन ने पीओके से हाल में मिली उन रिपोर्ट का हवाला दिया, जिनमें क्षेत्र में “व्यापक लॉकडाउन के तहत संचार ब्लैकआउट, तनाव में वृद्धि और निवासियों का बाहरी दुनिया से संपर्क कटने” की बात कही गई है।

हुसैन कश्मीर पर ब्रिटेन के सर्वदलीय संसदीय समूह के अध्यक्ष भी हैं। उनकी तरफ से विदेश कार्यालय को भेजे गए पत्र पर लगभग 30 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।

पत्र में ब्रिटिश सरकार से आग्रह किया गया है कि वह पीओके में “तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत करे और सभी उपयुक्त राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करे।”

पीओके में अधिकारियों ने शनिवार को ‘ज्वाइंट एक्शन अवामी कमेटी’ (जेएएसी) पर प्रतिबंध लगाने के बाद दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया। जेएएसी एक स्थानीय समूह है, जो हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में शामिल था, जिसके कारण पिछले साल कई लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

जेएएसी 38-सूत्री एजेंडा को लागू करने की मांग कर रहा है, जिसमें रियायती आटा और बिजली उपलब्ध कराना तथा कश्मीरियों के लिए क्षेत्रीय विधानसभा में आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करना शामिल है।

संसदीय समूह ने कहा, “हम ब्रिटिश नागरिकों सहित अन्य की गिरफ्तारी, संचार पर प्रतिबंध और अधिकारियों तथा जेएएसी प्रतिनिधियों के बीच संवाद में व्याप्त गतिरोध की खबरों से भी चिंतित हैं।”

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में