संरा मानवाधिकार प्रमुख ने सूडान के अल-ओबेद शहर के आसपास हिंसा को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया

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संरा मानवाधिकार प्रमुख ने सूडान के अल-ओबेद शहर के आसपास हिंसा को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 07:11 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 07:11 PM IST

जिनेवा, तीन जुलाई (एपी) संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने शुक्रवार को मध्य सूडान के एक रणनीतिक शहर और उसके आसपास संभावित अपराधों को लेकर ‘‘रेड अलर्ट’’ जारी किया। उन्होंने विश्व नेताओं से अपील की कि वे देश में सेना तथा अर्धसैनिक बलों के बीच जारी युद्ध में रक्तपात को रोकने के लिए और अधिक प्रयास करें।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में मानवाधिकार परिषद को बताया कि अल-ओबेद शहर से मिल रहे संकेत ‘‘साफ और स्पष्ट हैं: सूडान में मानवाधिकारों से जुड़ी एक और बड़ी त्रासदी हो रही है।’’

यह टिप्पणी तब आई जब संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकारों से जुड़ी सबसे बड़ी संस्था ने अल-ओबेद के हालात पर जरूरी चर्चा की। यह चर्चा राजनयिकों, पैरोकार समूहों और अन्य लोगों की उन चिंताओं पर थी कि सूडान में जारी युद्ध में आम नागरिकों के खिलाफ अत्याचारों का एक और दौर शुरू हो सकता है।

तुर्क ने कहा, ‘‘…यह एक रेड अलर्ट है, जिस पर दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को ध्यान देना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि आम नागरिक 18 महीने से घेराबंदी जैसे हालात का सामना कर रहे हैं और लगातार हो रहे ड्रोन हमलों से जूझ रहे हैं, क्योंकि सूडान की सेना और अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेज’ (आरएसएफ) शहर के आस-पास के इलाकों पर कब्जा करने के लिए लड़ रहे हैं।

अप्रैल 2023 में सेना और आरएसएफ के बीच लंबे समय से जारी तनाव के कारण युद्ध छिड़ गया था। इस संघर्ष में कम से कम 59,000 लोग मारे गए हैं, लगभग 1.3 करोड़ लोग विस्थापित हुए हैं और सूडान के कई इलाके अकाल की चपेट में आ गए हैं। तीन करोड़ से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है।

फरवरी 2025 में, सेना ने अल-ओबेद की घेराबंदी को तोड़ दिया था, जो एक साल से अधिक समय से चली आ रही थी। तब से, आरएसएफ ने कई दिशाओं से घेराबंदी को फिर से स्थापित करने की कोशिश में कई हमले किए हैं।

एपी नेत्रपाल दिलीप

दिलीप