पेरिस, 24 फरवरी (एपी) फ्रांस के विदेश मंत्री ने मंगलवार को कहा कि पेरिस में तैनात शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को समन के लिए स्पष्टीकरण देना होगा और ऐसा न करने पर उन्हें सरकारी अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विदेश मंत्री के इस बयान के बाद पिछले कुछ दिनों से जारी विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया।
फ्रांसीसी अधिकारियों ने सोमवार शाम को राजदूत चार्ल्स कुशनर को मुलाकात के लिए बुलाया था। कुशनर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेयर्ड कुशनर के पिता हैं।
अमेरिकी राजदूत को ट्रंप प्रशासन की उन टिप्पणियों के संबंध में बुलाया गया था, जिन पर फ्रांस ने आपत्ति जताई थी।
फ्रांसीसी राजनयिकों ने बताया कि कुशनर बैठक में उपस्थित नहीं हुए।
फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोइल बैरो ने मंगलवार को बैठक में शामिल न होने को ‘एक हैरानी भरा कदम’ बताया, जो राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और इससे राजदूत के रूप में कुशनर की कार्य क्षमता पर असर पड़ेगा।
बैरो ने सार्वजनिक प्रसारक ‘फ्रांस इन्फो’ से कहा, “इससे स्वाभाविक रूप से हमारे देश में उनकी अपने मिशन का काम करने की क्षमता प्रभावित होगी।”
उन्होंने कहा, “जब वह स्पष्टीकरण दे देंगे, तब उन्हें फ्रांस में सरकार के सदस्यों से दोबारा मिलने की अनुमति मिल जाएगी।”
बैरो ने कहा, “कुशनर खुद ही मुसीबत मोल ले रहे हैं। क्योंकि एक राजदूत को अपना काम करने के लिए सरकार के सदस्यों तक पहुंच की जरूरत होती है। यह बहुत आम बात है।”
मंत्री ने कहा, “जब वह स्पष्टीकरण दे देंगे तब ही फ्रांस में अमेरिकी राजदूत को स्वाभाविक रूप से फ्रांसीसी सरकार के सदस्यों से दोबारा मिलने की अनुमति दी जाएगी।”
‘एसोसिएटेड प्रेस’ द्वारा सोमवार को टिप्पणी के अनुरोध पर अमेरिकी दूतावास ने कोई जवाब नहीं दिया और मंगलवार सुबह किए गए एक अन्य अनुरोध का भी तुरंत कोई उत्तर नहीं मिला।
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के ‘एक्स’ पर उन बयानों को लेकर कुशनर को तलब किया था, जिनमें फ्रांस में धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता क्वेंटिन डेरांके की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का जिक्र था।
क्वेंटिन (23) की इस महीने की शुरुआत में लियोन शहर में धुर वामपंथी और धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में लोगों के एक समूह ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। उसे कट्टर राष्ट्रवादी बताया जाता है।
एपी जितेंद्र मनीषा
मनीषा