US Iran Meeting Islamabad: इस्लामाबाद में ‘सीक्रेट’ मीटिंग या टकराव का अखाड़ा? ईरान-अमेरिका वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट पर ऐसी भिड़ंत कि हालात हाथापाई तक पहुंचे..? हुआ बड़ा खुलासा
US Iran Meeting Islamabad: इस्लामाबाद में हाल ही में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
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- होर्मुज स्ट्रेट पर विवाद
- इस्लामाबाद में अहम वार्ता
- तीखी बहस से बढ़ा तनाव
US Iran Meeting Islamabad: इस्लामाबाद: इस्लामाबाद में हाल ही में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। तुर्किये के वरिष्ठ पत्रकार सेतिनेर सेतिन (Çetiner Çetin) ने आरोप लगाया है कि बैठक के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि बातचीत लगभग टकराव की स्थिति तक पहुंच गई। उनके मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसने इस वार्ता को बेहद संवेदनशील बना दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस विवाद का मुख्य केंद्र होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण और उसके संचालन का मुद्दा था। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है और हाल के दिनों में यहां सैन्य गतिविधियों और तनाव में भी इजाफा देखा गया है। सेतिनेर सेतिन के दावे के मुताबिक, जैसे ही इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई, दोनों पक्षों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान होने लगा। माहौल इतना गर्म हो गया कि स्थिति हाथापाई तक पहुंचने की कगार पर बताई गई।
Hormuz Strait tension: ईरानी पक्ष ने बातचीत के दौरान बेहद सख्त रुख अपनाया
बताया जा रहा है कि ईरानी पक्ष ने बातचीत के दौरान बेहद सख्त रुख अपनाया और स्पष्ट तौर पर कहा कि ईरान को किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं है। इस बयान के बाद तनाव और बढ़ गया, जिससे वार्ता का माहौल और अधिक गंभीर हो गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक किसी भी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।
Islamabad meeting Iran US: पाकिस्तान की राजधानी में हुई बैठक
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही उच्चस्तरीय वार्ता एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अब तक करीब 15 से 21 घंटे तक गहन बातचीत हो चुकी, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। बातचीत का फोकस अब तकनीकी मुद्दों पर शिफ्ट हो गया, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा कि अभी तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। उनके अनुसार, ईरान ने अमेरिका की प्रमुख शर्तों को स्वीकार नहीं किया है, जिससे वार्ता आगे बढ़ने में मुश्किल हो रही है। वेंस ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। वहीं, ईरानी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि ताजा दौर की बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य समेत कई रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। खासतौर पर अमेरिका की शर्तों को लेकर ईरान ने नाराजगी जताई है और कहा है कि वॉशिंगटन अपनी मांगें थोपने की कोशिश कर रहा है, जिसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई।
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