अमेरिका, इजराइल और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत

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अमेरिका, इजराइल और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत

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  • Publish Date - April 8, 2026 / 05:15 PM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 05:15 PM IST

दुबई, आठ अप्रैल (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरानी सभ्यता को मिटा देने की धमकियों से अंतिम समय में पीछे हटने के बाद ईरान, अमेरिका और इजराइल दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।

फिलहाल समझौते की शर्तों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी अभी पता नहीं है कि क्या इससे स्थायी शांति स्थापित हो सकती है, क्योंकि दोनों पक्षों ने शर्तों के संबंध में बिल्कुल अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं।

युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान की ओर से मिसाइल हमले की सूचना दी, और कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी सेना ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। वहीं, ईरान ने कहा कि उसकी एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने समझौते को ‘एक नाजुक युद्धविराम’ बताया।

बातचीत जल्द शुरू होने के संकेत मिल रहे थे, फिर भी समझौते के बारे में कई बातें अज्ञात हैं:

ईरान ने कहा कि इस समझौते से उसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की नयी व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन समझौते की शर्तें स्पष्ट नहीं हैं। यह भी ज्ञात नहीं है कि कोई अन्य देश इस शर्त पर सहमत है या नहीं।

पाकिस्तान, जिसने समझौते में मध्यस्थता करने में मदद की, और अन्य देशों ने कहा कि वे लेबनान में लड़ाई रोक देंगे, जहां इजराइल ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह के खिलाफ जमीनी आक्रमण शुरू किया है। इजराइल ने कहा कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेगा।

युद्धविराम की घोषणा के बाद ईरान की राजधानी की सड़कों पर सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद, समझौता करने वाले मुर्दाबाद!’’ के नारे लगाए। आयोजकों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की लेकिन वे लगातार नारे लगाते रहे। उन्होंने सड़क पर अमेरिकी और इजराइल के झंडे भी जलाए।

युद्धविराम की शर्तों को लेकर अलग-अलग खबरें आई हैं

ट्रंप ने शुरू में कहा था कि ईरान ने एक ‘व्यवहार्य’ 10-सूत्री योजना का प्रस्ताव दिया है जो 28 फरवरी को अमेरिका, इजराइल के हमले के साथ शुरू युद्ध को समाप्त करने में मदद कर सकता है। लेकिन, जब ईरान का संस्करण सामने आया तो ट्रंप ने बिना विस्तार से बताए इसे धोखाधड़ी करार दिया। ईरान के संस्करण में संकेत दिया गया था कि उसे यूरेनियम संवर्धन जारी रखने की अनुमति दी जाएगी-जो परमाणु हथियार बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने रहेंगे, जिससे शांति काल में कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता था। आने वाले दिनों में यह एक संभावित तनाव का कारण बन सकता है।

युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की मांगों में क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी, प्रतिबंधों को हटाना और उसकी जब्त संपत्तियों को जारी करना शामिल है। ये सभी प्रस्ताव ट्रंप और अन्य पश्चिमी देशों के लिए शायद ही स्वीकार्य हों।

पाकिस्तान ने कहा कि युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए वार्ता शुक्रवार को इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है।

इजराइल ने ईरान के साथ अमेरिका के युद्धविराम का समर्थन किया, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह समझौता हिजबुल्लाह पर लागू नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह से लड़ाई जारी रहेगी। इजराइल की सेना ने कहा कि लड़ाई और जमीनी अभियान जारी हैं।

ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी शुल्क वसूलेंगे।

युद्धविराम से इस मार्ग पर नियंत्रण को औपचारिक रूप दिया जा सकता है और ईरान को राजस्व का एक नया स्रोत मिल सकता है।

एक अधिकारी के अनुसार, इस योजना के तहत ईरान और ओमान दोनों को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की अनुमति दी गई है। अधिकारी ने कहा कि ईरान इस राशि का इस्तेमाल पुनर्निर्माण के लिए करेगा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘(समझौते के बाद) खूब आय होगी। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है।’’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने कहा कि जलडमरूमध्य से आवागमन ईरानी सैन्य प्रबंधन के तहत ही होगा-जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि किसे जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

युद्धविराम की खबर से तेल की कीमतों में गिरावट आई और शेयरों में उछाल आया। ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों का भविष्य अभी भी अनिश्चित है।

युद्धविराम की घोषणा के बाद संयुक्त अरब अमीरात, इज़राइल, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत में मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गई। अधिकारियों ने बताया कि ईरान की ओर से हुई गोलाबारी के बाद अबू धाबी में एक गैस प्रसंस्करण संयंत्र में आग लग गई।

संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई की। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी सेना ने ड्रोन हमलों को नाकाम करने के लिए कार्रवाई की।

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि बुधवार को ईरान के लावन द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। खबर में कहा गया कि दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

युद्ध में मार्च के अंत तक ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके थे। हालांकि सरकार ने कई दिनों से युद्ध में जान गंवाने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी है।

लेबनान में, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल के हमले में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इज़राइल के भी 11 सैनिक मारे गए गए हैं।

खाड़ी अरब देशों और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 24 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि इजराइल में 23 लोगों के मारे जाने की सूचना है तथा 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है।

एपी आशीष माधव

माधव