अमेरिका के एक सांसद ने एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम समाप्त करने के लिए विधेयक पेश किया
अमेरिका के एक सांसद ने एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम समाप्त करने के लिए विधेयक पेश किया
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 10 फरवरी (भाषा) अमेरिका के एक सांसद ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम समाप्त करने के लिए एक विधेयक पेश किया है। उनका कहना है कि कंपनियों ने बार-बार इस प्रणाली का दुरुपयोग किया है और सस्ते विदेशी श्रमिकों को अमेरिका में आयात किया है।
अमेरिका के फ्लोरिडा के रिपब्लिकन प्रतिनिधि ग्रेग स्ट्यूब ने ‘एक्साइल’ अधिनियम पेश किया, जिसमें आव्रजन और नागरिकता कानून में संशोधन करके एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है।
स्ट्यूब ने एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिकी नागरिकों के कल्याण और समृद्धि की तुलना में विदेशी श्रमिकों को प्राथमिकता देना हमारे मूल्यों और राष्ट्रीय हितों को कमजोर करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कामगार और युवा एच-1बी वीजा कार्यक्रम के कारण लगातार विस्थापित और अधिकारहीन हो रहे हैं, जो हमारे कार्यबल की कीमत पर कंपनियों और विदेशी प्रतिस्पर्धियों को लाभ पहुंचाता है। हम अपने बच्चों के सपने को तब तक बरकरार नहीं रख सकते जब तक हम उनका हिस्सा गैर-नागरिकों को सौंपते रहेंगे। इसीलिए मैं ‘निर्वासन अधिनियम’ पेश कर रहा हूं, ताकि मेहनतकश अमेरिकियों को फिर से प्राथमिकता दी जा सके।’’
बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर अमेरिका में रहने और काम करने के लिए एच-1बी वीजा का उपयोग करते हैं। ट्रंप प्रशासन ने कानूनी और अवैध दोनों तरह के आव्रजन पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और एच-1बी जैसे वीजा पर नये और कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
ट्रंप ने एच-1बी कार्यक्रम के दुरुपयोग को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पिछले साल एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें नये एच-1बी वीजा पर 100,000 डॉलर का शुल्क लगाया गया था। इस कदम से भारतीय पेशेवरों के बीच व्यापक दहशत, भ्रम और चिंता फैल गई थी।
बयान में कहा गया है कि एच-1बी वीजा प्राप्त करने वालों में से 80 प्रतिशत से अधिक भारतीय या चीनी नागरिक हैं, जिनमें युवा श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाती है।
भाषा सुरेश नरेश
नरेश

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