अमेरिकी सांसदों ने आतंकवादियों को शरण देने, लादेन को छिपाने के पाकिस्तान के इतिहास का जिक्र किया
अमेरिकी सांसदों ने आतंकवादियों को शरण देने, लादेन को छिपाने के पाकिस्तान के इतिहास का जिक्र किया
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 23 जून (भाषा) अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस द्वारा इस्लामाबाद के प्रति ‘प्यार’ जताने वाली टिप्पणी के बीच, रिपब्लिकन पार्टी के दो सांसदों ने ‘आतंकवादियों को पनाह देने’ के कतर और पाकिस्तान के इतिहास का जिक्र किया।
अमेरिकी सांसद रिक स्कॉट ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अब तक सब को यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि हमारे वास्तविक मित्र कौन हैं। कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है और इस समय वे सार्थक शांति स्थापित करने के बजाय ईरान के दशकों पुराने आतंकवादी अभियान को सहारा देने में कहीं अधिक रुचि रखते दिखाई देते हैं।’
फ्लोरिडा के सांसद स्कॉट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उपराष्ट्रपति वेंस ने स्विट्ज़रलैंड में कहा ‘‘हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं।’’ वेंस वहां पाकिस्तान और कतर के नेताओं के साथ ईरान के साथ शांति समझौते के तकनीकी पहलुओं पर बातचीत कर रहे थे।
स्कॉट ने कहा, ‘‘ऐसे समझौते की अब भी गुंजाइश है जो सभी पक्षों के लिए लाभकारी हो। लेकिन हर किसी को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि ईरान के लिए इस स्थिति से निकलकर परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल कर पाने की संभावना बिल्कुल शून्य है।’’
मोंटाना से अमेरिकी सांसद टिम शीहे ने ‘फॉक्स न्यूज़’ को दिए एक साक्षात्कार में अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को शरण देने में पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन को लगभग एक दशक तक छिपाकर रखा था। उसने अपनी खुफिया एजेंसी आईएसआई के माध्यम से आयतुल्ला शासन को भी वित्तीय सहायता प्रदान की।’’
शीहे ने कहा कि यदि पाकिस्तान और कतर वार्ता की मेज पर मौजूद हैं, तो अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इजराइल और सऊदी अरब भी इन वार्ताओं में शामिल हों। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल और सऊदी अरब ही पश्चिम एशिया में अमेरिका के वास्तविक सहयोगी हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कतर दशकों से आतंकवादी संगठनों के लिए धन शोधन करता रहा है।
शीहे ने कहा, ‘‘पाकिस्तानियों ने अपनी खुफिया एजेंसी आईएसआई के माध्यम से हमारे खिलाफ विद्रोही गतिविधियों को वित्तीय सहायता दी और ओसामा बिन लादेन को छिपाकर रखा। इसलिए यह मान लेना मुझे सही नहीं लगता कि वे इस मामले में निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे।’’
अमेरिकी नेवी सील में सेवाएं दे चुके शीहे ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम संयुक्त अरब अमीरात और इज़राइल के साथ पूरी दृढ़ता और बिना किसी संकोच के खड़े रहें, क्योंकि चाहे कुछ भी हो, इस क्षेत्र में वही हमारे सबसे अग्रणी और भरोसेमंद साझेदार बने रहेंगे।’’
दरअसल अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में रविवार को कहा था कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके ‘सबसे पसंदीदा’ लोगों में से एक हैं।
वेंस ने कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहूंगा कि जब फील्ड मार्शल मुनीर ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री के साथ हमारा स्वागत किया, तो मैंने मज़ाक में कहा था कि मेरे जीवन में दो बहुत-बहुत अहम लोग हैं-एक भारतीय और एक पाकिस्तानी। भारतीय मेरी पत्नी हैं और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल मुनीर हैं।’’
वेंस ने यह भी कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान उनकी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से उतनी बातचीत हुई है, जितनी किसी और व्यक्ति से नहीं हुई।
भाषा शोभना वैभव
वैभव

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