दुबई, 23 जुलाई (एपी) अमेरिकी सेना ने बुधवार को घोषणा की कि वह ईरान पर लगातार 12वीं रात भी हवाई हमले कर रही है। इन हमलों में दोनों पक्षों की ओर से असैन्य बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (सेंटकॉम) ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ‘‘क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले असैन्य नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है।’’ अमेरिका, होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सामान्य करने का प्रयास कर रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि यदि ईरान जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला करेगा तो अमेरिका उसके जवाब में एक पुल या बिजली संयंत्र को नष्ट कर देगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘अब से, इस्लामी गणराज्य ईरान जब भी होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से निशाना साधेगा, अमेरिका उसके एक पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी करेगा और उसे नष्ट कर देगा।’’
अमेरिका की ओर से लगातार हवाई हमले ऐसे समय जारी हैं, जब कूटनीतिक प्रयासों में सार्वजनिक रूप से कोई खास प्रगति दिखाई नहीं दे रही है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश ‘‘जैसे को तैसा’’ की रक्षा नीति अपनाएगा।
उन्होंने बुधवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ईरान या उसके बुनियादी ढांचे के खिलाफ किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई का शक्तिशाली और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।’’
ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि बुधवार देर रात अमेरिकी मिसाइलों ने पश्चिमी ईरान के अहवाज, रमशीर और अंदीमेश्क शहरों के निकट स्थित स्थलों को निशाना बनाया। सरकारी मीडिया के अनुसार, इराक सीमा पर स्थित शलमचेह कस्बे में अमेरिकी मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत हो गई।
इस बीच, कुवैत के सैन्य अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ‘‘ईरान की निंदनीय आक्रामक कार्रवाई के बाद शत्रुतापूर्ण ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही है।’’
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री जल को शोधित कर पेयजल उपलब्ध कराने वाले विलवणीकरण संयंत्रों को निशाना बनाया है।
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सामान्यतः ऐसे बुनियादी ढांचे पर हमला प्रतिबंधित है, जब तक कि उनका उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए न किया जा रहा हो।
एपी गोला सिम्मी
सिम्मी