संरा ने जलवायु परिवर्तन पर कड़े कदमों के समर्थन में मतदान किया, अमेरिका का विरोध
संरा ने जलवायु परिवर्तन पर कड़े कदमों के समर्थन में मतदान किया, अमेरिका का विरोध
संयुक्त राष्ट्र, 21 मई (एपी) संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बुधवार को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने के पक्ष में बड़ी संख्या में मतदान किया जबकि हाल में अमेरिका ने कूटनीतिक प्रयास किए थे कि इस प्रस्ताव को वापस लिया जाए।
193 सदस्यीय इस विश्व निकाय ने एक गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें पिछले साल जुलाई में संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अदालत द्वारा दिए गए ऐतिहासिक परामर्शकारी मत का समर्थन किया गया। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि देशों द्वारा जलवायु परिवर्तन से पृथ्वी की रक्षा करने में विफल रहना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
इस प्रस्ताव के पक्ष में 141 वोट पड़े, वहीं आठ देशों ने विरोध में मतदान किया, जबकि 28 देशों ने मतदान से दूरी बनाई।
अमेरिका, रूस, ईरान और सऊदी अरब जैसे दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों और ग्रीनहाउस गैसों के प्रमुख उत्सर्जकों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
प्रस्ताव में वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे सीमित रखने के लिए राष्ट्रीय जलवायु कार्ययोजना अपनाने, जीवाश्म ईंधन की खोज, उत्पादन और दोहन पर दी जाने वाली रियायत को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने, तथा उल्लंघन करने वालों से नुकसान की ‘पूर्ण क्षतिपूर्ति’ प्राप्त करने का आग्रह शामिल था।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी उप राजदूत टैमी ब्रूस ने बुधवार को इस प्रस्ताव की एक बार फिर कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘‘अत्यंत समस्याग्रस्त’’ बताया और कहा कि मसौदे में बदलाव के बावजूद वाशिंगटन को इस पर गंभीर कानूनी और नीतिगत चिंताएं हैं।
मतदान से पहले महासभा में ब्रूस ने कहा, ‘‘प्रस्ताव में जीवाश्म ईंधन और जलवायु से जुड़े अन्य विषयों पर अनुचित राजनीतिक मांगें शामिल हैं।’’
लेकिन वनुआतू और अन्य द्वीपीय देशों के प्रतिनिधियों, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण अपने अस्तित्व को लेकर चिंतित हैं, ने कहा कि महासभा को अदालत की राय का समर्थन करना चाहिए।
एपी शोभना वैभव
वैभव

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