वेनेजुएला की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने ट्रंप को अपना पदक भेंट किया

वेनेजुएला की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने ट्रंप को अपना पदक भेंट किया

वेनेजुएला की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने ट्रंप को अपना पदक भेंट किया
Modified Date: January 16, 2026 / 10:50 am IST
Published Date: January 16, 2026 10:50 am IST

(तस्वीरों सहित)

वाशिंगटन, 16 जनवरी (भाषा) वेनेजुएला में विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने कहा कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बृहस्पतिवार को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया।

मचाडो ने इससे पहले कई मौकों पर कहा था कि वह अपना नोबेल पुरस्कार ट्रंप को दे देंगी। उन्होंने बृहस्पतिवार को ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका ने कुछ दिन पहले ही वेनेजुएला में सैन्य हमला कर उसके नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने की कार्रवाई की है।

 ⁠

सोशल मीडिया पर जारी एक तस्वीर में मचाडो ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का कार्यालय) में ट्रंप के साथ खड़ी नजर आ रही हैं और ट्रंप के हाथ में नोबेल शांति पुरस्कार पदक है। इस तस्वीर के ‘कैप्शन’ में लिखा है, ‘‘मारिया कोरिना मचाडो को प्रदान किया गया 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार पदक।’’

मचाडो ने पदक के साथ संदेश में लिखा, ‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के लिए- शक्ति के माध्यम से शांति को बढ़ावा देने, कूटनीति को आगे बढ़ाने और स्वतंत्रता एवं समृद्धि की रक्षा करने में आपके असाधारण नेतृत्व के लिए कृतज्ञता के तौर पर।’’

मचाडो द्वारा हस्ताक्षरित और 15 जनवरी 2026 को जारी संदेश में कहा गया है, ‘‘यह राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा स्वतंत्र वेनेजुएला को सुरक्षित करने के लिए उठाए गए सैद्धांतिक और निर्णायक कदमों के प्रति कृतज्ञता के व्यक्तिगत प्रतीक के रूप में वेनेजुएला के लोगों की ओर से प्रस्तुत किया गया है। अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के साहस को वेनेजुएला के लोग कभी नहीं भूलेंगे।’’

मचाडो ने इस मुलाकात के बाद ‘संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया।’’

मचाडो ने कहा कि उन्होंने ऐसा ‘‘हमारी आजादी के प्रति उनकी अनूठी प्रतिबद्धता को सम्मान देने के लिए’’ किया।

ट्रंप ने बाद में सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि मचाडो ने यह पदक उन्हें दिया है। उन्होंने कहा कि मचाडो से मिलना उनके लिए सम्मान की बात है।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘वह एक बेहतरीन महिला हैं जिन्होंने बहुत कुछ झेला है। मारिया ने मेरे किए गए काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। यह आपसी सम्मान का कितना अद्भुत भाव है। धन्यवाद मारिया।’’

ट्रंप की लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की चाहत रही है। यह सम्मान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनके राष्ट्रपति पद संभालने के कुछ ही महीनों के भीतर 2009 में प्रदान किया गया था।

ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में आठ युद्धों को समाप्त कराने का दावा किया है।

उन्होंने कहा है कि जिन आठ युद्धों को उन्होंने समाप्त कराया है, उनमें से प्रत्येक के लिए वह नोबेल शांति पुरस्कार के पात्र हैं। ट्रंप ने यह भी सवाल उठाया कि ओबामा को नोबेल पुरस्कार क्यों दिया गया। उनका कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति ने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे वे इसके हकदार बनें।

नोबेल संस्थान ने कहा है कि मचाडो अपना पुरस्कार ट्रंप को नहीं दे सकतीं।

उसने कहा, ‘‘नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद इसे रद्द नहीं किया जा सकता, न ही इसे साझा किया जा सकता है तथा न ही किसी और को हस्तांतरित किया जा सकता है। यह निर्णय अंतिम है और हमेशा के लिए मान्य रहता है।’’

भले ही नोबेल पुरस्कार ट्रंप को देने का मचाडो का यह कदम पूरी तरह प्रतीकात्मक ही हो, लेकिन यह घटनाक्रम असाधारण है क्योंकि ट्रंप ने लंबे समय से वेनेजुएला में प्रतिरोध का चेहरा रहीं मचाडो को प्रभावी रूप से हाशिये पर कर दिया है।

ट्रंप ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज के साथ काम करने की अपनी इच्छा जताई है जो मादुरो की अहम सहयोगी रही थीं।

ट्रंप की वेनेजुएला में लोकतांत्रिक शासन का समर्थन करने की प्रतिबद्धता संदेह के दायरे में आ रही है, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि चुनाव कब कराए जा सकते हैं। मचाडो ने संकेत दिया कि इस बारे में चर्चा के दौरान ट्रंप ने कुछ विशिष्ट बातें कही।

हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या बातचीत हुई।

बंद कमरे में हुई बैठक के बाद मचाडो ने ‘व्हाइट हाउस’ के द्वार के पास उनका इंतजार कर रहे दर्जनों उत्साहित समर्थकों का अभिवादन किया और कई लोगों से गले मिलीं।

उन्होंने विस्तार से कोई बात बताए बिना कहा, ‘‘हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं,’’ जिस पर कुछ लोगों ने ‘‘धन्यवाद, ट्रंप’’ का नारा लगाया।

इससे पहले ट्रंप कह चुके हैं कि मचाडो के लिए वेनेजुएला का नेतृत्व करना मुश्किल होगा क्योंकि ‘‘उन्हें देश के भीतर समर्थन या सम्मान प्राप्त नहीं है।’’

इस बीच, ‘व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मचाडो को ‘‘एक उल्लेखनीय और साहसी आवाज’’ बताया, लेकिन साथ ही कहा कि इस बैठक का मतलब यह नहीं है कि मचाडो को लेकर ट्रंप की राय बदल गई है।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


लेखक के बारे में