केपटाउन, नौ जनवरी (एपी) चीन, रूस और ईरान के युद्धपोत शुक्रवार से शुरू होने वाले हफ्ते भर के नौसैन्य अभ्यास के लिए दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन तट पर पहुंचे हैं।
यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब वेनेजुएला में अमेरिका के हस्तक्षेप और लातिन अमेरिकी देश से तेल ले जा रहे टैंकरों को जब्त करने के कदम को लेकर भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।
चीन के नेतृत्व में किये गए ये अभ्यास पिछले साल विकासशील देशों के ब्रिक्स समूह के तहत आयोजित किए गए थे और दक्षिण अफ्रीका के सशस्त्र बलों ने कहा कि ये अभ्यास समूह के सदस्यों को समुद्री सुरक्षा और समुद्री लूट रोधी अभियानों का अभ्यास करने और ‘‘सहयोग को प्रगाढ़ करने’’ के लिए एक साथ लाएंगे।
चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स समूह के लंबे समय से सदस्य हैं, जबकि ईरान 2024 में इस समूह में शामिल हुआ।
ईरानी नौसेना इन अभ्यासों में भाग ले रही है, जबकि ईरान में इस्लामी गणराज्य के नेतृत्व के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं।
यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि ब्रिक्स समूह के अन्य देश – जिनमें ब्राजील, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी शामिल हैं – इन अभ्यासों में भाग लेंगे या नहीं।
दक्षिण अफ्रीकी सशस्त्र बलों के एक प्रवक्ता ने कहा कि वे अभ्यास में भाग लेने वाले सभी देशों की अभी पुष्टि नहीं कर सकते हैं, जो अगले शुक्रवार तक चलने वाले हैं।
एपी सुभाष रंजन
रंजन