चिनफिंग, किम ने चीन और उत्तर कोरिया के बीच संबंध और मजबूत होने की उम्मीद जताई
चिनफिंग, किम ने चीन और उत्तर कोरिया के बीच संबंध और मजबूत होने की उम्मीद जताई
सियोल, आठ जून (एपी) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण शिखर वार्ता के दौरान द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों के बीच वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि चिनफिंग ने सात साल बाद उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग का दौरा किया है। माना जा रहा है कि चीन अपने पड़ोसी देश उत्तर कोरिया पर प्रभाव और बढ़ाना चाहता है।
सोमवार को प्योंगयांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर चिनफिंग का भव्य स्वागत किया गया। पत्नी पेंग लियुआन के साथ पहुंचे चिनफिंग का स्वागत उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल जू ने किया।
बाद में चिनफिंग प्योंगयांग के मुख्य चौक पहुंचे, जहां सैन्य बलों और हजारों लोगों ने उनका स्वागत किया।
चिनफिंग और किम ने मजबूत संबंधों की उम्मीद जताई है।
सोमवार को हुई शिखर वार्ता में चिनफिंग ने कहा कि चीन व्यापार, कृषि, निर्माण और प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में उत्तर कोरिया के साथ सहयोग बढ़ाने को तैयार है। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, चिनफिंग ने कहा कि दोनों देशों को रणनीतिक सहयोग मजबूत करना चाहिए और अपनी संप्रभुता तथा सुरक्षा हितों की दृढ़ता से रक्षा करनी चाहिए।
किम ने कहा कि चिनफिंग की यह यात्रा स्पष्ट रूप से दिखाती है कि चीन और उत्तर कोरिया के संबंध कितने मजबूत और अटूट हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की मित्रता को और मजबूत बनाना उत्तर कोरिया की ‘अपरिवर्तनीय रणनीति’ है।
बैठक का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक का प्रभाव केवल दोनों देशों के संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।
दोनों देश अमेरिका के साथ अलग-अलग तनावों का सामना कर रहे हैं और अपनी पारंपरिक साझेदारी को पूरी तरह बहाल करना चाहते हैं।
चिनफिंग और किम की पिछली मुलाकात सितंबर में बीजिंग में हुई थी, जब उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विदेशी नेताओं के साथ एक सैन्य परेड देखी थी।
उत्तर कोरिया पर प्रभाव अमेरिका के साथ बातचीत में चीन की मदद कर सकता है
एपी जोहेब दिलीप
दिलीप

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