ट्राई ने लगाए नए नियम, परेशानी में एपल यूजर्स

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ट्राई ने लगाए नए नियम, परेशानी में एपल यूजर्स

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  • Publish Date - July 26, 2018 / 11:24 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:02 AM IST

भारतीय टेलीकॉम रेग्यूलटर (TRAI) ने भारत में सभी स्मार्टफोन में डू नॉट डिस्टर्ब ऐप को अनिवार्य करने का ऐलान किया है। एंड्रॉयड में ऐसा फीचर पहले से ही है, लेकिन ऐपल ने अब तक ऐसा नहीं किया है। यूजर प्राइवेसी को लेकर ऐपल अपनी सख्ती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले हैं जब कंपनी ने अमेरिकी सरकार से लेकर FBI तक की बात मानने से इनकार किया है। इसके पीछे कंपनी की दलील यूजर की प्राइवेसी ही रही है।

TRAI द्वारा जारी किए गए इस निर्देश के बाद अब ऐपल TRAI के इस नए नियम के खिलाफ कोर्ट जा सकती है। TRAI के इस नियम के तहत अगर किसी कंपनी ने अपने स्मार्टफोन में डू नॉट डिस्टर्ब ऐप नहीं डाला तो उसे बंद करा दिया जाएगा।  ET ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा है कि ऐपल के मुताबिक TRAI द्वारा लाया गया यह नियम अपने दायरे में नहीं है और इसके लिए ऐपल कानूनी सहारा ले सकती है। बताया जा रहा है कि TRAI कानूनी तरीके से किसी टेलीकॉम कंपनी को किसी हैंडसेट की सर्विस बंद करने को नहीं कह सकती है। 

हालांकि ऐपल iOS के अगले वर्जन यानी iOS 12 सॉफ्टवेयर अपडेट में इस तरह का फीचर दिए जाने की उम्मीद है जिससे यूजर्स अनचाहे कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट कर सकें। ऐपल ने TRAI को इसके बारे में जानकारी दी है और यह सितंबर तक सभी योग्य iPhone में दिया जाएगा। TRAI के इस नियम की वजह से ही यह खबरें आनी शुरू हुई हैं कि लाखों iPhone बंद हो सकते हैं। क्योंकि फिलहाल TRAI के इस नियम पर ऐपल ने हामी नहीं भरी है।

भारतीय टेलीकॉम रेग्यूलेटर यानी TRAI ने DND का नया वर्जन लाया है। रेग्यूलेटर का कहना है कि यह ऐप इंटेलिजेंट फीचर के साथ बनाया गया है और इसमें एसएमस के लिए इंटेलिजेंस स्पैम डिटेक्शन दिया गया है। इसके तहत यूजर्स अनचाहे कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट कर सकते हैं ताकि आगे से ऐसा न हो. यह ऐप 10MB का है और इसके द्वारा कॉल को लेकर किए गए शिकायत का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। चूंकि यह ऐप कॉलिंग और मैसेज से जुड़ा है, इसलिए इस ऐप को कॉल लॉग और मैसेज से लेकर पूरे कॉन्टैक्ट्स तक ऐक्सेस चाहिए।

यूजर की निजता यानी प्राइवेसी को लेकर ऐपल हमेशा से सख्त है। अमेरिका के सैन बर्नाडिनो के शूटर के iPhone को अनलॉक करने के लिए ऐपल ने FBI से लंबी लड़ाई लड़ी और आखिरकार ऐपल ने iPhone अनलॉक नहीं किया। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां ऐपल यूजर की प्राइवेसी को लेकर सख्ती दिखा चुका है।

वेब डेस्क, IBC24