Tiltepec village mystery : रहस्यमयी गांव ! इंसान से लेकर हर जीव है अंधा, जानें अंधेपन की वजह और एक्सपर्ट्स की राय

बताया जाता है कि इस गांव में पैदा होने वाला जीव जन्म से ही अंधा नही होते है, पैदा होने के समय उनकी आंखो में रोशनी होती है। लेकिन जैसे-जैसे समय बितता जाता है,वैसे- वैसे उनकी आंखों की रोशनी चली जाती है, और वे अंधे हो जाते है।

Tiltepec village mystery : रहस्यमयी गांव ! इंसान से लेकर हर जीव है अंधा, जानें अंधेपन की वजह और एक्सपर्ट्स की राय

Tiltepak village mystery

Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: July 18, 2022 11:02 am IST

Tiltepak village mystery : डेस्क। मां के कोख से जन्म लेने के बाद हर व्यक्ति दुनिया देखना चाहता है। लेकिन अगर आंखो की रोशनी चली जाए तो दुनिया बेरंंग सी लगने लगती है । भगवान ऐसा किसी के भी साथ न करे। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बतलाने वाले है, जहां हर जिव पैदा होने के बाद अपनी ऑखों की रोशनी खो देता है। जी हां, यह सुनकर आपको अटपटा जरुर लगा होगा। लेकिन यह एक सत्य घटना है। चलिए आगे, हम आपको उस जगह के बारे में बतलाते है।>>*IBC24 News Channel के WhatsApp  ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां Click करें*<<

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उस गांव का नाम है “टिल्टेपैक “blind village Tiltepak” जो मैक्सिको के प्रशांत महासागर क्षेत्र में आता है। जानकारी  के अनुसार इस गांव में करीब 60 झोपडियां है, जहां 300 के करीब रैड इंडियन रहते है। लेकिन इस गांव की अजीब बात यह है कि, यहां सभी अंधे है। यहां मनुष्य के अलावा पालतु जानवर भी अपनी आंखों की रोशनी खो चुके है।

बताया जाता है कि इस गांव में पैदा होने वाला जीव जन्म से ही अंधा नही होते है, पैदा होने के समय उनकी आंखो में रोशनी होती है। लेकिन जैसे-जैसे समय बितता जाता है,वैसे- वैसे उनकी आंखों की रोशनी चली जाती है, और वे अंधे हो जाते है।

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ये है अंधेपन की वजह 

From human to every creature is blind : मीडिया रिपोर्ट की माने तो, इस गांव में जेपोटेक जनजाति के लोग रहते है। यहां लोगों के अंधे होने के कारण दिन और रात से खास फर्क नही पड़ता है। यहां लोगों के घरों में बिजली और खिड़कीयां नही होती है। यहां के लोगों को चिड़ियों की आवाज से सुबह और शाम होने का पता चलता है। सुबह जब चिड़ियों की आवाज शुरू होती है तो लोग काम पर निकल जाते हैं।  शाम को जब पक्षियों की आवाजें आना बंद हो जाती हैं तो लोग अपनी झोपड़ियों की ओर चले जाते हैं।

आपको बता दे कि, यहां रहने वाले लोग अपने अंधेपन की वजह एक पेड़ को मानते हैं। वहां के लोगों का मानना है कि, लावजुएला नामक एक शापित पेड़ (Mysterious Tree) को देखने के बाद यहां इंसानों से लेकर पशु-पक्षी तक, सभी अंधे हो जाते हैं। तो वहीं एक्सपर्ट्स का कहना ये है कि गांव में एक बहुत ही जहरीली मक्खी बड़ी तादात में पाई जाती है। जिसके काटने की वजह से वहां के लोग अंधेपन का शिकार हो रहे हैं।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com