MP Tribal Hostel Scam : “मैडम हटाओ, तभी लौटेंगे” हॉस्टल की आदिवासी छात्राओं के साथ वार्डन करती थी ऐसी हरकत, कलेक्ट्रेट में बच्चियों ने खोल दिया खौफनाक राज
बालाघाट में विशेष पिछड़ी जनजाति छात्रावास की छात्राओं ने अपनी होस्टल अधीक्षिका के खिलाफ अवैध वसूली, मारपीट और खराब भोजन जैसी गंभीर शिकायतें दर्ज कराते हुए कलेक्ट्रेट में मोर्चा खोला। …
Published: 20 Feb 2026 | 8:38 pmModified: 20 Feb 2026 | 8:41 pm
HIGHLIGHTS
छात्राओं ने होस्टल अधीक्षिका पर अवैध वसूली, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।
नए प्रवेश लेने वाले छात्रों से 25 हजार रुपये तक की मांग और खराब भोजन की शिकायतें।
जनजातीय कार्य विभाग ने जांच कमेटी का गठन कर मामले की गहन जांच शुरू की।
बालाघाट:MP Tribal Hostel Scamमध्य प्रदेश के बालाघाट में विशेष पिछड़ी जनजाति छात्रावास की छात्राओं ने अपनी होस्टल अधीक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचकर अवैध वसूली, मारपीट और खराब भोजन जैसी गंभीर शिकायतें की हैं। जनजातीय कार्य विभाग से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि जब तक मैडम को हटाया नहीं जाएगा, तब तक वह होस्टल वापस नहीं जाएंगी। इस पूरे मामले में जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त ने जाँच कमेटी का गठन कर जाँच के आदेश दे दिए हैं।
25 हज़ार रुपये तक की जाती मांग
मिली जानकारी के अनुसार, बालाघाट शहर स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति छात्रावास की छात्राओं ने होस्टल अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। Madhya Pradesh Education News कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं ने बताया कि वह पिछले चार साल से इस होस्टल में रह रही हैं। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने के दौरान अधीक्षिका द्वारा अवैध वसूली की जाती रही है। छात्राओं का आरोप है कि नए प्रवेश लेने वाले बच्चों से 25 हजार रुपए तक की मांग की जाती है।
खाने से लेकर मानसिक प्रताड़ना के आरोप
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे न देने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। कभी बिना आवेदन छुट्टी बताकर दबाव बनाया जाता है तो कभी अन्य बहाने से परेशान किया जाता है। कुछ छात्राओं ने मारपीट तक के आरोप लगाए हैं। खाने की गुणवत्ता को लेकर भी बच्चियों में नाराज़गी है। उनका कहना है कि दाल और सब्ज़ी में आटा मिलाकर परोसा जाता है, जिससे वे ठीक से भोजन नहीं कर पातीं। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ट्यूशन बंद कर दिए जाने से भी छात्राएं परेशान हैं।
उनका कहना है कि जब तक अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वह होस्टल नहीं लौटेंगी। वहीं, इस पूरे मामले पर जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर ने बताया कि शिकायत मिलते ही तत्काल संज्ञान लिया गया है। Hostel Warden Complaint मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है और तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्राओं के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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