जमुई पीड़िता के परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर सीएमओ कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज

जमुई पीड़िता के परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर सीएमओ कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज

जमुई पीड़िता के परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर सीएमओ कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज
Modified Date: September 25, 2026 / 11:12 pm IST
Published Date: September 25, 2026 11:12 pm IST

पटना, 25 सितंबर (भाषा) बिहार में जमुई छेड़खानी मामले की नाबालिग पीड़िता के परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कथित रूप से अपलोड करने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ ने एक बयान जारी कर कहा कि तस्वीर अपलोड किए जाने की सूचना शुक्रवार को मिली, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई।

बयान के अनुसार, ‘‘नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ कथित अभद्र व्यवहार की घटना का वीडियो 19 सितंबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसके बाद जमुई पुलिस ने इस मामले में विधिक कार्रवाई की थी।’’

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की लोकसभा सदस्य मीसा भारती ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एक आवेदन सौंपा और कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।

पुलिस ने कहा, ‘‘आवेदन को चल रही जांच का हिस्सा बना लिया गया है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है।’’

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को बृहस्पतिवार को विपक्षी राजद की आलोचना का सामना करना पड़ा था। उस पर जमुई जिले की नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया गया था। पीड़िता अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री से मिलने आई थी।

मुख्यमंत्री के ‘एक्स’ हैंडल से संबंधित पोस्ट कुछ ही देर बाद हटा दी गई। इससे पहले राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा था।

तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर कर गंभीर अपराध किया है। यदि मुख्यमंत्री के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 के तहत कार्रवाई नहीं हुई तो हम कानूनी विकल्प अपनाएंगे और बिहार पुलिस को भी पक्षकार बनाएंगे।’’

भाषा

कैलाश रवि कांत


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