बिहार में अपराधियों पर कार्रवाई से पुलिस पर हमले बढ़े, जवाबी फायरिंग करनी पड़ रही : एडीजीपी

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बिहार में अपराधियों पर कार्रवाई से पुलिस पर हमले बढ़े, जवाबी फायरिंग करनी पड़ रही : एडीजीपी

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 05:43 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 05:43 PM IST

पटना, 22 मई (भाषा) बिहार पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के कारण पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसके चलते पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग करनी पड़ रही है।

अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी-कानून व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि बिहार पुलिस जाति के आधार पर मुठभेड़ नहीं करती है।

उन्होंने कहा, “पुलिस की कोई जाति नहीं होती और अपराधियों की भी कोई जाति नहीं होती। जो अपराधी पुलिस पर हमला करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उनकी जाति नहीं पूछी जाएगी।”

उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी, त्वरित सुनवाई और अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती जैसी कार्रवाई के कारण अपराधियों पर दबाव बढ़ा है, इसलिए कुछ लोग पुलिस पर हमला करने जैसे कदम उठा रहे हैं, लेकिन पुलिस इससे निपटने के लिए तैयार है।

एडीजीपी ने बताया कि बिहार पुलिस ने जनवरी से 15 मई तक अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने से जुड़े प्रावधानों के तहत 1,433 अपराधियों की पहचान की है और 428 लोगों के खिलाफ अदालतों में प्रस्ताव भेजे हैं।

उन्होंने बताया कि 103 आरोपियों के खिलाफ संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया जारी है, जबकि चार अन्य के खिलाफ कुर्की आदेश जारी किए गए हैं।

कुमार ने कहा कि जनवरी से 15 मई तक हत्या के 2,023, डकैती के 311, लूट के 573 और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार से जुड़े 1,572 मामलों समेत गंभीर अपराधों में कुल 33,126 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी एवं अप्रैल के बीच अदालतों ने 52,567 मामलों में 70,624 लोगों को दोषी ठहराया जिनमें दो लोगों को मृत्युदंड, 453 को आजीवन कारावास और 253 को 10 वर्ष से अधिक कारावास की सजा सुनाई गई।

उन्होंने बताया कि जनवरी से 15 मई तक बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत 676 लोगों के खिलाफ प्रस्ताव भेजे गए, जिनमें से 252 के खिलाफ आदेश पारित किए गए, जबकि दो मामलों में निरुद्धि आदेश जारी किए गए।

कुमार ने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के 57, पुलिसकर्मियों पर हमले के 1,065, भीड़ हिंसा के चार और हर्ष फायरिंग के 20 मामलों में कुल 1,146 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस मुख्यालय के बयान के अनुसार जनवरी से अप्रैल तक पुलिस ने 1,34,225 आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा 1,466 अवैध हथियार, 7,073 कारतूस, 12 बम और 259 डेटोनेटर बरामद किए।

इस दौरान पुलिस ने 35 अवैध मिनी हथियार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया। इसके अलावा 3,644 ग्राम हेरोइन, 16,408 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया गया तथा 7,709 वाहनों को भी जब्त किया गया।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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