बैंक ‘धोखाधड़ी’ मामला: बिहार के गया स्थित होटल समूह और उसके प्रवर्तकों के परिसरों पर ईडी के छापे

बैंक ‘धोखाधड़ी’ मामला: बिहार के गया स्थित होटल समूह और उसके प्रवर्तकों के परिसरों पर ईडी के छापे

बैंक ‘धोखाधड़ी’ मामला: बिहार के गया स्थित होटल समूह और उसके प्रवर्तकों के परिसरों पर ईडी के छापे
Modified Date: September 11, 2026 / 11:59 am IST
Published Date: September 11, 2026 11:59 am IST

पटना, 11 सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन के एक मामले की जांच के सिलसिले में गया स्थित एक होटल समूह और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ शुक्रवार को बिहार, हरियाणा और दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह कार्रवाई ‘रामानंदी होटल्स एंड रिजॉर्ट लिमिटेड’ (आरएचआरएल), इसके निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत एवं नितेश के खिलाफ की जा रही है।

धन शोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक प्राथमिकी और आरोपपत्र से संबद्ध है जिसमें अपराध से अर्जित अनुमानित आय 131.79 करोड़ रुपये बताई गई है।

अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गया, गुरुग्राम और दिल्ली में कुल नौ परिसरों पर छापेमारी की गई।

केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले बैंकों के समूह ने आरएचआरएल को 85 करोड़ रुपये का ऋण दिया था, जिसमें से 58 करोड़ रुपये कंपनी ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा उपलब्ध कराई गई परियोजना पूरी होने की फर्जी रिपोर्ट का इस्तेमाल कर दूसरी जगह भेज दिए।

एजेंसी ने कहा कि जांच में यह भी पता चला कि उक्त ऋण के लिए अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों ने बैंकों को व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

अधिकारियों ने बताया कि संबंधित समूह की एक कंपनी पर बकाया रकम के बदले पांच संपत्तियों को एक वाहन कंपनी के पास गिरवी रखा गया था।

हालांकि, ईडी ने पाया कि गिरवी होने के बावजूद हाल में इन संपत्तियों को ‘‘बहुत कम कीमत’’ पर बेच दिया गया था।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ खरीदार सामान्य आर्थिक स्थिति वाले लोग बताए जा रहे हैं और इतनी बड़ी रकम चुकाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में संदेह है कि वे अखौरी गोपाल के बेनामी या उनके इशारे पर काम करने वाले खरीदार हैं।”

अधिकारियों ने कहा कि इन संपत्तियों को बेचने का मकसद उन्हें इस तरह हस्तांतरित करना था कि धन शोधन रोधी कानून के तहत उन्हें कुर्क न किया जा सके।

भाषा खारी सिम्मी

सिम्मी


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